​वाराणसी में कोविड टीके की पहली डोज शत प्रतिशत लगाने के बाद दूसरी डोज़ के लिए चलेगा मेगा अभियान

 

​​कैम्प लगाकर​ ​​ऑटो,रिक्शा​ चालकों ​और नाविकों का किया जाएगा टीकाकरण।

​​बिना​​ कोविड ​टीका लगवाए नहीं खोल सकेंगे​​,दुकान, माल और कार्यालय।

कार्यस्थल पर टीका लगाने की स्वास्थ विभाग और प्रशासन कर रहा तैयारी।


वाराणसी।  ​उत्तर प्रदेश कोविड टीकाकरण-टेस्टिंग में पहला राज्य बन गया है। ​वाराणसी में भी कोविड टीके की पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है। अब दूसरी डोज़ के लिए मेगा अभियान चलाया जाएगा। अभियान में कैंप लगाकर टेम्पो, रिक्शा चालकों और नाविकों का टीकाकरण किया जाएगा। ​बिना कोरोना टिका लगवाए दुकान, माल और कार्यालय नहीं खोल सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग कार्यस्थलों पर जाकर टीका लगाएगा। प्रशासन इसके लिए प्रवर्तन दल बना रहा है। जो प्रतिष्ठानों पर जाकर लोगों की टीका लगे होने की जाँच करेगा।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ​निर्देश पर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वायरस रोधी टीका लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी संदीप चौधरी ने बताया कि वाराणसी ने लक्ष्य के मुताबिक कोविड की पहली डोज़ लगाने में 100 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि हासिल कर लिया है। दूसरी ड़ोज़ भी करीब 65 प्रतिशत से अधिक लगाई जा चुकी है। शेष लोगों को दूसरी ड़ोज़ लगाने के लिए प्रशासन नई योजना बना रही है। जिसे जल्दी ही लागू कर दिया जाएगा। वहीं 15 से 17 वर्ष तक के बच्चों को भी टीका लगाने का काम भी युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

ज़िलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा ने बतया कि सरकार डोर टू डोर अभियान चलाकर अधिकतर लोगो को टीका के कवच से सुरक्षित किया जा चूका है। लेकिन दिन के समय बहुत से लोगों के घर से अपने कार्यस्थल पर जाने के कारण टीका नहीं लगा पाया है। स्वास्थ्य विभाग के लोग अब दुकानों ,माल और कार्यालय में जाकर जिनको टीका नहीं लगा है,प्रत्येक कर्मचारी को टीके का सुरक्षा कवच देंगे । नाविकों ऑटो चालकों और रिक्शा चालकों को भी कैंप लगाकर टीकाकरण किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है की छूटे हुए लोग अपना टिका जल्दी लगवा ले। अन्यथा व अपनी दुकान नहीं खोल पाएंगे। प्रशासन इसके लिए प्रवर्तन दल भी बना रहा है। जो दुकान,माल व कार्यालयों में जाकर चेक करेगा। इसके साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के चालकों नाविकों को भी चेक किया जाएगा। प्रशासन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस नियम को लागू करने की योजना बना रहा है।