स्टेशनों की केटरिंग स्टॉल व पार्किंग की ओवरचार्जिंग पर यात्री करें इस नंबर पर शिकायत

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कानपुर।  स्टेशनों की केटरिंग स्टॉल और पार्किंग स्थलों पर ओवरचार्जिंग को रोकने के लिए अब यात्री 139 पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं। इसके साथ ही अफसरों को टीम बनाकर सघन अभियान चलाते हुए स्टेशनों पर जांच व सीसीटीवी से निगरानी करने को कहा है। यह जानकारी उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने बुधवार को दी।

मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी ने बुधवार को जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। ऐसे में कैटरिंग प्वाइंट और पार्किंग स्थलों पर हमेशा ओवर चार्जिंग की आशंका बनी रहती है। जिसको देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने ओवरचार्जिंग पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को पूरे जोन में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गर्मियों में पेय जल की मांग बढ़ जाती है, इसलिए यात्रियों को हर संभव माध्यम से विशेष रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि यात्रियों को वाटर बूथों पर नि:शुल्क पेय जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कैटरिंग यूनिटों में पानी की बोतल, चाय और पार्किंग की दरें सामान्य आंखों के स्तर पर ‘बड़े अक्षरों’ में प्रदर्शित की जाएं। इसके अलावा, रेडियो, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और अन्य प्रचार माध्यमों के माध्यम से दरों और अधिकतम खुदरा मूल्य के बारे में व्यापक प्रचार किया जा रहा है। स्टेशनों पर दरों को लेकर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से नियमित घोषणा भी की जा रही है और यात्रियों से एमआरपी से अधिक भुगतान न करने का अनुरोध किया जा रहा है। जागरूकता प्रसारण के लिए सोशल मीडिया का वृहत्तर प्रयोग किया जा रहा है।

महाप्रबंधक ने स्टेशनों पर नियमित रूप से जांच करने के भी आदेश दिए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके फुटेज की भी रैंडम और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। स्टालों पर ई-भुगतान और मुद्रित रसीदों को बढ़ावा दिया जा रहा है और चाय और पानी की बोतलों जैसी अधिक प्रयोग वस्तुओं के मामले में पूर्व मुद्रित संख्या वाली रसीद देने की सलाह भी दी जा रही है।

प्रत्येक स्टॉल पर ओवरचार्जिंग की शिकायत के लिए फोन नंबर भी प्रदर्शित किया जा रहा है। यह भी निर्देशित किया गया है कि सभी विभागों के अधिकारियों व पर्यवेक्षक स्तर पर नियमित जांच सुनिश्चित की जाये। उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन द्वारा जारी किए गए अखिल भारतीय हेल्पलाइन नम्बर 139 व रेल मदद से यात्री अपनी शिकायत दर्ज करें।