Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / सीतापुर : बालिका गृह न होने से परेशान बाल कल्याण समिति, पढ़िए पूरी खबर

सीतापुर : बालिका गृह न होने से परेशान बाल कल्याण समिति, पढ़िए पूरी खबर

सीतापुर। सीतापुर जिले में कोई भी बालक-बालिका गृह नहीं है। जिससे बाल कल्याण समिति को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जब भी जिले में कोई लावारिस बाल या बालिका बरामद होती है तो उसे लखनऊ रहने के लिए भेजना पड़ता है जबकि इस दौरान उन्हें कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है।

बताते चलें कि जिले में अक्सर लावारिस अवस्था में बालक या बालिकाएं बरामद होती है। जिनकी बरामदगी के बाद उन्हें रखने के लिए कई समस्याएं सामने आती है। चाइल्ड लाइन 1098 के जिला कोआर्डिनेटर सर्वेश शुक्ला बताते हैं कि उनकी संस्था चाइल्ड लाइन 1098 की सीतापुर में स्थापना अगस्त माह में हुई थी तब से लेकर अब तक 15 बालक बालिकाएं बरामद हो चुके है। इसी तरह से बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रेखा रानी सक्सेना, सदस्य सुनैना गुप्ता, डा.0 शिखा श्रीवास्तव, संजय शुक्ला, अवनेन्द्र विक्रम सिंह बताते हैं कि जब भी जिले में कोई बालक या बालिका बरामद होता है तो नियमानुसार पहले उसका मेडिकल तथा कोविड का परीक्षण कराना पडता है।

उसके बाद उसे लखनऊ भेजा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान कई दिन लगते है। बालिकाओं को वन स्टाप सेंटर में रखा जाता है जबकि बालकों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने के बाद 24 घंटे के लिए चाइल्ड लाइन के आफिस में रखा जाता है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें लखनऊ भेज दिया जाता है। बाल कल्याण समिति ने बताया कि बीती 23 दिसंबर को बैठक हुई थी जिसमें आल संरक्षण आयोग समिति के सदस्य श्याम त्रिपाठी आए हुए थे जिनके समक्ष बालक-बालिका गृह बनाए जाने की बात रखी गई थी। जिस पर उन्होंने प्रपोजल बना कर भेजने की बात कही थी। प्रपोजल पर कार्य चल रहा है। शीघ्र ही प्रपोजल बनाकर आयोग को भेजा जाएगा।

Check Also

प्रतापगढ़ : 42 वर्षों से रामपुर खास में फहरा रहा है कांग्रेस का झण्डा

– पिता से विरासत में मिली विधायिकी को बचाना मोना के लिये चुनौती लालगंज, प्रतापगढ़। ...