सीतापुर : बदलने लगी देवदेवेश्वर घाट की तस्वीर

नैमिषारण्य-सीतापुर। भले कुछ देर से ही सही पर नैमिष तीर्थ में अब विकास कार्य दिखने लगे हैं। बदलते नैमिष की तस्वीर में इस समय देवेश्वर घाट का नव निर्माण अब श्रद्धालुओं को तीर्थ की नई छवि से परिचित कराता दिख रहा है। पहले जहां ये घाट अपनी उपेक्षा से बदरंग दिखता था वहीं अब यहां घाट पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंचों के अलावा इंटरलॉकिंग, शौचालय व चेंजिंग रूम निर्माण के साथ ही वृहद सौंदर्यीकरण कार्य श्रद्धालुओं को यहां आने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वर्ष 2017 तीर्थ के विकास के लिए सौ करोड़ की योजनाएं घोषित की गई थी जिसके अंतर्गत नैमिष के देवदेवेश्वर घाट के ये सौंदर्यीकरण उत्तर प्रदेश जल निगम लखनऊ द्वारा किया गया। देवदेवेश्वर पर लगभग दो करोड़ 70 लाख से गोमती नदी के किनारे घाट का निर्माण किया गया है।

इसके अलावा मंदिर पर यात्री शेड का निर्माण, पुरुष और महिला का चेंजिंग रूम का निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण करने के साथ ही श्रद्धालुओं के बैठने हेतु 25 बेंचें स्थापित की गई। वहीं यहां प्रकाश व्यवस्था के लिए तीन हाई मास्ट लाइटें व बीस सोलर लाइटें लगाई गई। वहीं इंटरलॉकिंग टाइल्स, ग्रेनाइट स्टोन एवं हॉर्टिकल्चर का कार्य किया गया। यहां देवेश्वर घाट की बदली छवि से अब तीर्थवासियों और श्रद्धालुओं को नैमिषारण्य तीर्थ के अन्य उपेक्षित धार्मिक स्थलों की स्थिति सुधरने की आस बंध चली है। मालूम हो कि 2017 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने नैमिषेय शंखनाद के मंच से प्राचीन रूद्रावर्त तीर्थ के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए 3.90 करोड़ राशि की घोषणा की थी। अब सभी की उम्मीद इस बात पर हैं कि जैसे देव देवदेवेश्वर घाट का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण हुआ है वैसे जल्द ही रूद्रावर्त तीर्थ का भी जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण हो जाए तो यहां देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक अलग सुखद अनुभव होगा साथ ही नैमिष में पर्यटन भी एक नए सकारात्मक रूप में उभर कर सामने आएगा।

क्या कहते हैं विधायक रामकृष्ण भार्गव
हमारी सरकार नैमिष तीर्थ की आध्यात्मिक विरासत को और भी बेहतर रूप में प्रस्तुत करने के लिए संकल्पित है , तीर्थ में विकास कार्यों के लिए किए गए सभी वादे जल्द ही पूरे होते देखेंगे।