सीतापुर :  पूरी तरह से सुरक्षित है कोरोना रोधी टीका, गर्भवती व धात्री भी लगवाएं

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– एनएचएम निदेशक ने डीएम व सीएमओ को लिखा पत्र

सीतापुर। यदि आप गर्भवती हैं अथवा अपने शिशु को स्तनपान करा रहीं हैं, और आपने अभी तक कोरोना से बचाव का टीका नहीं लगवाया है, तो आप जल्दी करें और अपने नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कोरोना से बचाव का टीका जरूर लगवा लें। विशेषज्ञों और वरिष्ठ चिकित्सकों ने एक शोध के बात स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना का टीका लगने से गर्भवती, उसके गर्भस्थ शिशु, जच्चा और उसके बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। कोरोना से बचाव का टीका लगने से गर्भवती के होने वाले संभावित जोखिमों में कमी आती है। यह टीका गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी पूरी तरह से सुरक्षित है।

टीकाकरण को लेकर फैली विभिन्न भ्रांतियों को मिटाते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी कोरोनारोधी टीका लगवाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में उन्होंने बीती 22 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों व सीएमओ को पत्र भेजकर गर्भवती व धात्री महिलाओं के टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। सनद रहे कि इससे पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।
मिशन निदेशक ने दिए यह निर्देश
मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने अपने पत्र में कहा है कि वीएचएनडी सत्रों पर गर्भवती महिलाओं को कोविड टीकाकरण की आवश्यकता और लाभों के बारें में जानकारी देते हुए नजदीकी टीकाकरण केंद्र से टीकाकरण कराया जाए। प्रत्येक माह की नौ तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के मौके पर अधिक से अधिक संख्या में गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराया जाए। गर्भवती महिलाओं के कोविड टीकाकरण के समय कोविन पोर्टल पर लाभार्थी टाइप में गर्भवती महिला दर्ज किया जाए। क्लस्टर मॉडल 2.0 एवं हर घर दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण कर गर्भवती व धात्री महिलाओं को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाए।

क्या कहते हैं सीएमओ —
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला का कहना है कि कोरोना कम जरूर हुआ है, लेकिन अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कोरोनारोधी टीका और कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर ही इससे बचा जा सकता है। इसीलिए सरकार हर किसी को यह टीका लगवाने के लिए कह रही है। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका मुफ्त लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव का टीका गर्भावस्था से के शुरुआती माह से लेकर प्रसव तक कभी भी लगवाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि जो महिलाएं कोरोना से संक्रमित हुईं हैं, वह स्वस्थ होने के तीन माह बाद यह टीका लगवा सकती हैं। उन्होंने कहा कि 35 साल से अधिक आयु की वह गर्भवती जोकि बीपी, शुगर अथवा अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें कोरोना का खतरा सबसे