सीतापुर : पहले डरते थे, अब खुद लगवाई वैक्सीन और दूसरों को कर रहे प्रेरित

सीतापुर। कोरोना से बचाव के लिए कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने के बाद मैं सरकार के दिशा निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहा हूं। साथ ही लोगों से भी अपील करता हूं कि वह भी अपनी बारी आने पर कोरोना से बचाव का टीका जरूर लगवाएं तथा औरों को भी यह टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें। यह कहना है पहला ब्लॉक के तुरसेना गांव के प्रधान अरुण कुमार का। ग्रामीणों के लिए रोल मॉडल बन चुके अरुण जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव के लिए तत्पर हैं।

तुरसेना गांव के प्रधान अरुण कुमार शुरू में टीका लगवाने से बहुत घबराते थे। कोरोना रोधी वैक्सीन को लेकर उनके मन में काफी भ्रम था। इसी बीच गांव में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से पार्टीसेपेटरी एक्शन फार कम्युनिटी एम्पॉवरमेंट (पेस) की ओर से कोविड टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पेस संस्था के कार्यकर्ताओं ने ग्राम प्रधान के मन में कोविड को लेकर जो भ्रांतियां थी, उन्हें दूसर किया। इसके बाद वह वैक्सीनेशन को लेकर तैयार हुए।

जनवरी के अंतिम सप्ताह में उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। वह बताते हैं कि कोरोना रोधी टीका लगने के बाद मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। इससे मेरा भय और भ्रांतियां दूर हो गईं। इसके बाद उन्होंने गांव के उन लोगों को सूची तैयार की जिन्होंने कोरोना रोधी टीका नहीं लगवाया था। ऐसे लोगों को उन्होंने जागरूक करना शुरू किया और उनकी शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान किया। इसके बाद गांव के ऐसे 25 से अधिक लोगों को उन्होंने कोरोना से बचाव का टीका लगवा दिया है। अब वह ग्रामीणों को कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के लिए और प्रवासियों के गांव में आने पर कोविड-19 की जांच के लिए प्रेरित करते है।

पेस संस्था की जिला समन्वयक बीना पांडेय बताती हैं कि पहला विकास खंड की 57 ग्राम पंचायतों के एक सैकड़ा गांवों में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से पेस संस्था की ओर से कोविड टीकाकरण को लेकर एक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आ रहे हैं।

 

इसका भी रखें ध्यान —
एसीएमओ और कोविड टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. पीके सिंह का कहना है कि कोविड-19 टीका के बाद भी मास्क से अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढक कर रखें। हाथों को साबुन से नियमित अंतराल पर धोते रहें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें, यदि जाना जरूरी हो तो कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन करें। अपनी बारी आने पर कोरोनारोधी टीका जरूर लगवायें और दूसरों को भी जागरूक करते रहें।