सीतापुर : धनराशि निकल जाने के बाद भी अधूरा पड़ा पंचायत भवन

संदना-सीतापुर। सरकार ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे लोगों के विकास व ग्रामसभा की समस्याओं के निराकरण के लिये लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन का निर्माण करा रही है, लेकिन वही ग्राम पंचायत अधिकारी उनके उद्देश्यों को ठेंगा दिखाते हुए नजर आ रहे है। जी हां हम बात कर रहे है विकास खण्ड गोंदलामऊ की ग्राम पंचायत कमलापुर के मजरा मुरहाडीह की जहाँ पर 80 प्रतिशत धनराशि निकल जाने के बाद पंचायत भवन का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।पूर्व प्रधानी में स्वीकृत पंचायत भवन जिम्मेदारो की अनदेखी के चलते अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है।ग्रामीण विकास के उद्देश्य की पूर्ति के लिए शासन द्वारा गांवों में बहुउद्देशीय भवन ग्रामीण सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे ग्राम पंचायत के कार्यालयों में एक ही जगह पर ग्राम पंचायत की बैठकों के साथ-साथ ग्राम पंचायत अधिकारी की मौजूदगी, ग्राम विकास से संबंधित दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता रहेगी।

इससे एक ही छत के नीचे शासन की योजनाओं से संबंधित ग्रामीणों को बहुत सी सुविधाएं और जानकारी उपलब्ध हो सकें। ग्रामीण सचिवालय को गांव के विकास में अहम योगदान माना जाता है। इसके लिए सरकार लाखों रुपये खर्च करके गांव में प्राथमिकता के साथ सचिवालयों का निर्माण करा रही है, लेकिन विकास खंड गोंदलामऊ की स्थिति कुछ अलग है।