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सीतापुर : किसानों की उम्मीदों पर बारिश ने फेरा ‘पानी’, जानिए कैसे

’क्राशर-’ गन्ने की फसल में अच्छी उपज के लिए बारिश का पानी सबसे उपयुक्त
’क्राशर-’ बारिश का पानी गन्ने की फसल में कीटों से बचाव में सहायक
’क्राशर-’ पंपिंग सेट से सिंचाईं करने पर होता है अतिरिक्त व्यय

महोली-सीतापुर। फसलों की सिंचाई के लिए किसान बारिश के पानी को सबसे उपयुक्त मानते हैं। बारिश से सिंचाई होने पर फसल की अच्छी उपज होती हैं, वहीं कीट आदि लगने का खतरा कम रहता है। यहीं नही फसल में अच्छी उपज के लिए कीटनाशक दवाओं का प्रयोग भी कम करना पड़ता है। दरअसल, बारिश से सिंचाई होने पर पानी पौधे पर ऊपर से नीचे की तरफ आता है। जिससे पौधे की खाभ तेजी से बढ़ती है। वहीं अन्य संसाधन से सिंचाई करने पर पानी सिर्फ जड़ों तक सीमित रहता है।

जिससे पौधे का विकास धीरे-धीरे होता है। कभी-कभी समतल जमीन न होने पर पानी पूरे खेत में नही पहुंचता है। प्रायः 21 जून तक मानसून आ जाता है। इस बार मौसम वैज्ञानिकों ने देरी से मानसून आने की संभावना व्यक्त की है। ऐसे में किसान अन्य वैकल्पिक संसाधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं। अन्य संसाधनों से सिंचाई करने पर किसानों का अतिरिक्त व्यय भी होता है। ऐसे में लागत के सापेक्ष आमदनी नही होती है। कुछ किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वक्त पर सिंचाई न होने से फसल जाने का खतरा रहता है। हालांकि अधिकांश किसानों ने मानसून की देरी के चलते सिंचाई कर ली है।

बता दें कि इस इलाके में अधिकांश किसानों ने गन्ने की फसल बोई है। फसल की बेहतर उपज के लिए निर्धारित समय पर सिंचाईं करनी पड़ती है। किसान बारिश से फसल की सिंचाई को सबसे बेहतर मानते हैं। किसानों का मानना है बारिश से सिंचाई होने पर फसक की अधिक उपज प्राप्त होती है। वहीं समय पर सिंचाई करना काफी अहम है। ऐसे में अधिकांश किसान बारिश का इंतजार न कर खेतों में अन्य संसाधनों से सिंचाई कर देते हैं, वहीं कुछ किसान अभी भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

क्या कहते हैं किसान
बांसी गाँव के किसान किशोर की चार एकड़ जमीन है। जिसमें उन्होंने गन्ने की फसल बोई है। उन्होंने कहा 24 जून तक बारिश होने का इंतजार करेंगे। अगर बारिश नही होती है तो वह पम्पिंग सेट से सिंचाई कर देंगे। दौली के किसान अम्बेडकर ने नौ एकड़ गन्ने की फसल लगाई है। उन्होंने कहा अभी तक उन्होंने पम्पिंग सेट से सिंचाई की है। उन्हें उम्मीद थी 21 जून तक बारिश हो जाएगी। बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। आखिरकार विवश होकर उन्हें फिर पम्पिंग सेट का सहारा लेना पड़ा।

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