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सीएचसी लहरपुर में सब ठीक नहीं, यहाँ खून से सनी चादरों पर होता मरीजों का इलाज

लहरपुर-सीतापुर। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित सभी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए उपलब्ध कराने केे लिए दिन रात एक किए हुए हैं लेकिन सीएचसी लहरपुर में सब ठीक नहीं है। यहां की हालत इतनी गंदी हैं कि बयां नहीं की जा सकती। सीएचसी लहरपुर में खून से सनी चादरें बेड पर पड़ी हुई है। जिन पर मरीजों का इलाज किया जाता है। अब खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां के हालात क्या होंगे। वहीं सीएचसी में मरीजों की भीड़ रहती है। आने वाले मरीजों का कहना है कि यहां पर दवाइयां बाहर से लिखी जाती है। कभी भी अस्पताल से दवाइयां नहीं मिलती है। एक्सरे की मशीन लगी है पर एक्सरे भी बाहर से ही कराया जाता है। प्रेसवार्ता कर सरकार की बड़ी-बड़ी उपलब्धियां गिनाने वाले यहां के विधायक भी इस पर कुछ नहीं बोलना चाहते है। वहीं सीएचसी प्रभारी डा. आनंद बित्रा का कहना है कि सुबह चादर बदली जाती है बीच में नहीं। मलेरिया की दवा नहीं है। एक्सरे मशीन खराब है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहरपुर में सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। जहां समय से डॉक्टर नहीं आते और सुबह होते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुखार फीवर, मलेरिया से पीडि़त मरीजों का आना शुरू हो जाता है। देखते ही देखते मरीजों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। जिससे मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के द्वारा मरीज को अलग से एक परची लिखकर थमा दी जाती है और कह दिया जाता है कि जाओ बाहर से दवा खरीद लो। जिस मरीज के पास पैसा है उसने तो दवाई खरीद ली जिसके पास पैसा नहीं है वह मरीज कहां जाए।

केंद्र पर एक्सरे मशीन मौजूद है जबकि एक्स-रे कराने वाले मरीजों को काफी समय से यही बताया जा रहा है कि मशीन खराब है, बाहर से एक्स-रे करवा कर लाओ। एक्सरे करवाने के लिए जब मरीज बाहर जाता है तो उसको 300 रूप्या देने पड़ते हैं। इमरजेंसी वार्ड में बेडों पर बिछी चादर जो खून से सनी हुई है। उन्हीं पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। उन चादरों को बदलने वाला कोई नहीं है। केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार आम जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। समय-समय पर सरकार द्वारा दिशा निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को उनके साथ में उनके आने वाले तीमारदारों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मरीजों के जांचें भी केंद्र पर की जाएं और मरीज को दवाइयां भी अस्पताल से ही दी जानी चाहिए। मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए लेकिन शासन के आदेशों निर्देशों का पालन अन्य कहीं हो रहा हो लेकिन लहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शासन के आदेशों निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।

आज स्वास्थ्य केंद्र पर राजकुमार पुत्र लक्ष्मण निवासी तोपखाना जिनकी जांच में मलेरिया निकली। डॉक्टर के द्वारा इनको भी पर्चा लिख कर थमा दिया गया कि जाओ बाहर से दवाइयां खरीद लाओ। महबूब निवासी कंन्जा नेवादा जो अपने लड़के पुतान को इलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर लेकर आए जहां इनके द्वारा डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर ने इनको भी अलग से पर्चा लिखकर थमा दिया कि जाओ बाहर से दवाइयां लेकर आओ। दवाईया महंगी थी इनके पास उतना पैसा था नहीं तो दवाइयां कैसे खरीदें। वीरेंद्र कुमार पुत्र श्रीपाल निवासी निमौची इनके सीने में परेशानी थी यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आए जहां डॉक्टर ने इनको एक्स-रे कराने के लिए लिखा। साथ में इनसे यह भी कहा गया की यहां एक्सरे मशीन खराब है, बाहर से करा कर लाओ। वीरेंद्र एक्सरे कराने के लिए बाहर गए जहां 300 रूपये लिए गए। इतना ही नहीं सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर आने वाले मरीजों को भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है।

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