शराब और मांस का सेवन करने वाले पुलिसकर्मियों की नहीं लगेगी माघ मेला में ड्यूटी

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प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश के तीर्थराज प्रयागराज में हर साल 14 जनवरी से आयोजित होने वाले माघ मेले के धार्मिक महत्व को देखते हुये शराब और मांस का सेवन करने वाले पुलिसकर्मियों को मेला ड्यूटी में तैनात नहीं किया जायेगा। साथ ही दक्षिण भारतीय कल्पवासियों की सहूलियत के लिये अंग्रेजी बोलने वाले पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी में वरीयता दी जायेगी।

गौरतलब है कि आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पर्व पर प्रयागराज स्थित संगम पर माघमेला शुरू होगा। एक महीने तक चलने वाले माघ मेला की तैयारियों के बारे में गुरुवार को मेला क्षेत्र के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि मेले की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी हैं। उन्होंने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि माघ मेला एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इसके धार्मिक महत्व को देखते हुये यह जरूरी है कि मेला ड्यूटी में आने वाले पुलिसकर्मियों का आचरण और अनुशासन भी उच्च कोटि का हो।

मिश्रा ने बताया कि माघ मेले में सिविल पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री को मिलाकर 5000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये जा रहे है। मेले में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाते समय ही संबंधित जिलों को सूचित कर दिया जाता है कि ऐसे पुलिसकर्मियों को डयूटी पर भेजा जाये जो धार्मिक प्रवृति के हों और शराब और मांस का सेवन न करते हों।

मिश्रा ने बताया कि मेले में विदेशी पर्यटकों के अलावा दक्षिण भारत से भी कल्पवास करने के लिये श्रद्धालु आते हैं। मेला में आने वाले गैर हिंदी भाषी श्रद्धालुओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुये हिन्दी और अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान रखने वाले पुलिसकर्मीयो को ड्यूटी में वरीयता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी बोलने वाले पुलिसकर्मियों को मेला क्षेत्र के मध्य भाग में ड्यूटी पर लगाया जाता है। जहां वे गैर हिंदी भाषी लोगों की मदद कर सकें।

 

मिश्रा ने बताया कि मेला क्षेत्र में एक महीने तक चलने वाले कल्पवास के दौरान बेहतर माहौल एवं अनुशासन बनाये रखने के लिये इस पर नजर रखी जाती है कि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शराब या मांस का सेवन तो नहीं कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई शिकायत मिलने पर संबद्ध पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उन्हें मेला ड्यूटी से वापस मेल जिले में भेजा दिया जायेगा।

मिश्रा ने बताया कि उप्र पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षाबल के जवानों को आपस में समन्वय कायम करने के लिये मेला शुरु होने से पहले ड्यूटी पर तैनात होने वाले सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे उन्हें मेला ड्यूटी के प्रोटोकॉल से अवगत कराया जा सके।इसके अलावा कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुये माघ मेला में कोरोना जांच के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक माघ मेला में श्रद्धालुओं के लिए कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

कल्पवासियो के स्वास्थ का ध्यान रखने के लिये उनकी मुफ्त कोरोना जांच की जायेगी। इसके अलावा माघमेला क्षेत्र में 20-20 बेड के गंगा एवं त्रिवेणी चिकित्सालयों का शुभारंभ हो चुका है। मेले में बारह स्वास्थ केन्द्र बनाये गये हैं। इन पर कोरोना की जांच एवं टीकाकरण की भी व्यवस्था की गयी हैे।
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