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वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा, बताया कैसे धरती का पानी चुरा रहा चांद !

वैज्ञानिकों ने धरती के एकमात्र उपग्रह चांद को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने शोध के बाद कहा है कि हो सकता है कि चंद्रमा अरबों वर्षों से पृथ्वी के वायुमंडल से पानी निकाल रहा हो. फिर इसे अपने गहरे गड्ढों के अंदर बर्फ के रूप में संग्रहीत कर रहा हो.

इससे इंसानों को ही फायदा
पानी चोरी की यह प्रक्रिया इंसानों के फायदे की हो सकती है, इस पानी का उपयोग एक दिन चंद्र सतह पर मानव बस्ती बनाए रखने के लिए किया जा सकता है.

कुल कितना पानी है चांद पर
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं का अनुमान है कि चांद पर 840 क्यूबिक मील पानी है. यह मुख्य रूप से चंद्रमा के उत्तर और दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्रों में स्थित है. यह इतना पानी है कि अमेरिका की झील हूरोन को भरने के लिए पर्याप्त है. यह धरती की आठवीं सबसे बड़ी झील है.

कैसे पानी जाता है चांद पर
विशेषज्ञों का सुझाव है कि चांद का कुछ पानी तरल और पर्माफ्रॉस्ट रूप में पृथ्वी के वायुमंडल से आता है. ऐसा तब होता है जब चंद्रमा मैग्नेटोस्फीयर ग्रह के करीब से होकर गुजरता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का फेयरबैंक्स के शोध से पता चलता है कि पानी बनाने वाले आयन (ऑक्सीजन और हाइड्रोजन) चंद्रमा द्वारा खींचे जाते हैं क्योंकि यह पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर के हिस्से से गुजरता है. फिर ये आयन मिलकर चांद पर बर्फ बनाते हैं.

वैज्ञानिकों ने धरती के एकमात्र उपग्रह चांद को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. वैज्ञानिकों ने शोध के बाद कहा है कि हो सकता है कि चंद्रमा अरबों वर्षों से पृथ्वी के वायुमंडल से पानी निकाल रहा हो. फिर इसे अपने गहरे गड्ढों के अंदर बर्फ के रूप में संग्रहीत कर रहा हो.

इससे इंसानों को ही फायदा
पानी चोरी की यह प्रक्रिया इंसानों के फायदे की हो सकती है, इस पानी का उपयोग एक दिन चंद्र सतह पर मानव बस्ती बनाए रखने के लिए किया जा सकता है.

कुल कितना पानी है चांद पर
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं का अनुमान है कि चांद पर 840 क्यूबिक मील पानी है. यह मुख्य रूप से चंद्रमा के उत्तर और दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्रों में स्थित है. यह इतना पानी है कि अमेरिका की झील हूरोन को भरने के लिए पर्याप्त है. यह धरती की आठवीं सबसे बड़ी झील है.

कैसे पानी जाता है चांद पर
विशेषज्ञों का सुझाव है कि चांद का कुछ पानी तरल और पर्माफ्रॉस्ट रूप में पृथ्वी के वायुमंडल से आता है. ऐसा तब होता है जब चंद्रमा मैग्नेटोस्फीयर ग्रह के करीब से होकर गुजरता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का फेयरबैंक्स के शोध से पता चलता है कि पानी बनाने वाले आयन (ऑक्सीजन और हाइड्रोजन) चंद्रमा द्वारा खींचे जाते हैं क्योंकि यह पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर के हिस्से से गुजरता है. फिर ये आयन मिलकर चांद पर बर्फ बनाते हैं.

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