विधानसभा चुनाव पर विशेषः विधानसभा चुनाव में गूंजेगा आवारा जानवरों का मुद्दा

– किसान से लेकर आम जनमानस भी दुखी, जनता उठाएगी मुद्दा

मैनपुरी। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नेता जनता को रिझाने की कोशिश में लग गए है। चुनावों की घोषणा के बाद विभिन्न राजनैतिक दल घोषणा पत्र भी जारी कर रहे हैं। जनता से जुड़े मुद्दों की बात हो रही है। जनता के मूड को समझकर नेताओं के पिटारे भी खुल रहे हैं लेकिन जनता के बीच इस बार आवारा जानवरों का मुद्दा सबसे अहम बना हुआ है। यह समस्या सिर्फ किसानों तक ही सीमित नहीं है, इस समस्या से आम जनमानस भी परेशान है। इस चुनाव में नेताओं से आवारा जानवरों से जुड़े सवाल जनता पूछने लगी है। दो टूक कहा जा रहा है कि इन जानवरों से मुक्ति नेताजी कैसे दिलाएंगे?

भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक सिंह राजपूत कहते हैं कि उनका संगठन लंबे समय से आवारा जानवरों से किसानों को निजात दिलाने की लड़ाई लड़ रहा है। भाजपा सरकार ने शुरुआती दिनों में इस समस्या के समाधान में तेजी दिखाई थी लेकिन बाद में मामला ढ़ीला पड़ गया। किसान जगरूप, दीन मोहम्मद, भगवान दास, रघुवीर का कहना है कि आवारा जानवर दिन में फसल बर्बाद करते हैं और रात में भी। ऐसे में किसानों को दिन-रात फसलों की रखवाली में ही समय बिताना पड़ता है। लोग बेवश है। फसलों की सुरक्षा करते-करते अपनी जान भी गवां रहे हैं। समस्या का तभी समाधान होगा जब गोवंश संरक्षण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर गोशालाएं खुल जाएंगी।