विधानसभा चुनाव : नगीना विधानसभा की धरती पिछले 20 साल से भाजपा विधायक के लिए तरस रही

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लखनऊ। विधानसभा चुनाव की आहट होते ही नगीना विधानसभा सीट से भाजपा का टिकिट मांगने वालों में होड़ लगीं है लेकिन नगीना विधानसभा की धरती वर्षों से भाजपा विधायक के लिए तरस रही है। क्योंकि सही फीडबैक न मिलने से भाजपा का अब तक ऐसे बाहरी या दलबदलुओं को टिकिट मिला जो पार्टी के लिए काम क्या करते पार्टी की नीतियों का भी उन्हें सही से ज्ञान नहीं था जिस कारण नगीना की प्रबुद्ध जनता ने कार्यकर्ताओं की पुरजोर अपील के बाद भी बाहरी व दलबदलुओं को नकार दिया।

भाजपा प्रत्याशी लुवकुश कुमार ने 1998 में सपा के सतीश कुमार को 9990 वोट से हराकर पार्टी की जीत दर्ज कराई थी उसके बाद से भाजपा नगीना विधानसभा से अपनी सीट नहीं निकाल पाई उसका सबसे बड़ा कारण ग्राउंड पर फीडबैक न लेना और कार्यकर्ताओं की आपसी खींचतान और बाहरी व दलबदलुओं को आम परम्परागत वोटरों पर थोप देने से पार्टी प्रत्याशी की हमेशा हार हुई है, जबकि सामर्थ्यवान और पार्टी के निष्ठावान दावेदार मन मसोस कर रह गए क्योंकि न तो टिकिट देने के फीडबैक के समय और न ही टिकिट देते वक्त उनको तवज्जो दी गई जिसके परिणामस्वरूप 2017 में भाजपा की आंधी के समय भी नगीना सुरक्षित सीट से सपा इसका लाभ उठाकर ले गई।

भाजपा का टिकिट पाने के लिए दावा ठोकने वाले इस बार पूर्व विधायक सतीश गौतम व उनके पुत्र रोहित रवि जो कांग्रेस से पाला बदलकर भाजपा में टिकिट के लिए आ तो गए लेकिन कांग्रेस के नेता की छवि से पाला बदलने से उनके करीबी समर्थक भी उन्हें छोड़कर चल दिये। वहीं भाजपा के निष्ठावान जो वर्षों से पार्टी की सेवा में लगकर वोटरों को रोकने में लगे है मायूस है पार्टी का नगीना विधानसभा से टिकिट चाहने वाले एक अन्य दावेदारों में पूर्व सांसद यशवंत सिंह भी धामपुर में डेरा डालकर नगीना विधानसभा से टिकिट चाहते हैं जिनको 2019 में सांसद के चुनाव में नगीना की जनता ने इसलिए नकार दिया था क्योंकि सांसद बनने के बाद वह आम जनता के न दुख दर्द और न किसी अन्य समस्या में काम आए। जबकि नगीना के आम वोटरों की पहली पसंद पूर्व विधायक लवकुश कुमार जैसे दावेदार है जो वर्षों से पार्टी के प्रति समर्पित होकर जनता के बीच पार्टी का जनाधार बनाने में लगे हैं। लवकुश कुमार न तो बाहरी है न दलबदलू है। स्वच्छ छवि के ईमानदार नेता जो जनता के बीच रहे जिसपर पूर्व विधायक लवकुश कुमार पूरी तरह खरे उतरते हैं। संघ की विचारधारा होने के बावजूद समाज के सभी वर्गों की पहली पसंद है।

हालांकि भाजपा पार्टी हाईकमान नगीना विधानसभा में पार्टी के जिताऊ प्रत्याशी को टिकिट देने के लिए फूंक फूंक कर कदम उठा रही है। पार्टी का टिकिट चाहने वाले दावेदारों के दम परखने के लिए गोपनीय तरीके से भी उनकी कुंडली खंगाल रही है और जनता के मन को टटोल रही है। भाजपा प्रत्याशी के चयन में इस बार कोई चूक न हो जाये और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओ और वोटरों को मायूसी का सामना न करना पड़े और पार्टी प्रत्याशी की भारी मतों जीत भी हो पार्टी हर बिन्दुओं पर विचार कर रही है।