विधानसभा चुनाव : गोरखपुर-बस्ती मंडल में राजनीतिक दलों ने 22 महिलाओं पर लगाया दांव, पढ़िए पूरी खबर

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गोरखपुर, । विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों ने महिला प्रत्याशियों को तवज्जो दी है। इनमें सबसे आगे कांग्रेस है। दूसरे पायदान पर सपा और तीसरे नम्बर पर भाजपा है। बसपा इस मामले में अंतिम पायदान पर है। फिलहाल, दोनों मंडलों के सातों जिले में भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने कुल 22 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है।

इन महिला दावेदारों में कई पूर्व विधायक हैं। कुछ विधायक की पत्नियां भी शामिल हैं। कई विधानसभाओं में महिलाओं के चुनाव मैदान में आने से लड़ाई भी रोचक बनने लगी है। पिछले चुनाव में प्रमुख दलों ने महज 10 महिलाओं को ही टिकट दिया था। इसमें गोरखपुर जिले की चौरीचौरा विधानसभा सीट से भाजपा की संगीता यादव को जनता ने अपना विधायक चुना था।

गोरखपुर सदर सीट से कांग्रेस ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष और सहजनवां से पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुकी डॉ. चेतना पाण्डेय को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा कांग्रेस ने रजनी (खजनी), सुमन चौहान (पिपराइच), सोनिया शुक्ला (चिल्लूपार) और सपा ने रुपावती (खजनी), काजल निषाद (कैम्पियरगंज) को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रहे स्व. उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला को सपा ने टिकट दिया है।

देवरिया से सपा से तीन बार विधायक रह चुकीं गजाला लारी को एक बार फिर रामपुर कारखाना से मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने शहला अहरारी (रामपुर कारखाना), अंबरजहां (पथरदेवा), दुलारी देवी (सलेमपुर) और भाजपा ने विजयलक्ष्मी गौतम (सलेमपुर) पर दांव लगाया है। वहीं, कुशीनगर में केवल एक महिला प्रत्याशी को ही टिकट मिला है। वह भी यह रिस्क लेने का निर्णय कांग्रेस ने लिया है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदम्बा सिंह की पत्नी श्यामरति देवी को यहां के कुशीनगर विधानसभा से टिकट मिला है। अन्य दलों ने यहां किसी महिला को उम्मीदवार घोषित करना मुनासिब नहीं समझा है।

कुशीनगर की तरह महराजगंज में भी महिला प्रत्याशियों को कोई खास तवज्जो नहीं मिली है। बावजूस इनके यह जिला भी महिला प्रत्याशियों के मामले में अछूता नहीं है। सपा-सुभासपा गठबंधन से सपा महिला जिलाध्यक्ष गीता रत्ना पासवान को महराजगंज सदर सुरक्षित से टिकट दिया है जबकि बसपा ने ईशु चौरसिया (फरेंदा) को टिकट देकर महिला प्रत्याशिता को तवज्जो दी है। वहीं, बस्ती में भी दो महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा है। रुधौली विधानसभा से भाजपा विधायक संजय जायसवाल का टिकट काटकर उनकी पत्नी संगीता जायसवाल को रुधौली से ही प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने लाबोनी सिंह (हरैया) को टिकट दिया है।

सिद्धार्थनगर जिले में भी आधी आबादी को तरजीह

विधायक रह चुके तौफीक अहमद की बेटी सैयदा खातून को सपा ने डुमरियागंज से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से इनके पिता तौफीक अहमद विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस ने कांती पाण्डेय (डुमरियागंज) और किरन शुक्ला (बांसी) को टिकट देकर अपना राजनैतिक भविष्य तलाशने का कार्य किया है। संतकबीर नगर में अकेले कांग्रेस ने ही महिलाओं पर दांव लगाया है। मेंहदावल विधानसभा से कांग्रेस के प्रदेश सचिव परवेज खान की पत्नी रफीका खातून को उम्मीदवार बनाया है। दूसरा टिकट महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुकी शांति देवी (घनघटा)की झोली में गया है।