“लड़की हूं लड़ सकती हूं” : ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर लखनऊ में कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च को लखनऊ में कांग्रेस की ओर से महिला मार्च का आयोजन किया गया है। इसका नेतृत्व प्रियंका गांधी कर रही हैं। महिला मार्च दोपहर में 1090 चौराहे से शुरू हुआ। यह धीरे-धीरे सिकंदरबाग की चौराहे की तरफ बढ़ रहा है। थोड़ी देर बाद वीरांगना ऊदा देवी प्रतिमा के पास आकर समाप्त होगा।

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बी. श्रीनिवासन,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुमार मार्च में मौजूद हैं।

महिला मार्च 1090 चौराहे से शुरू हुआ।

समाजसेवी, डॉक्टर्स, शिक्षिकाएं शामिल

महिला मार्च में डॉक्टर्स, शिक्षिकाओं के साथ खेल और सिनेमा जगत से जुड़ी महिलाएं भाग ले रही हैं। उनके अलावा कांग्रेस की 159 महिला उम्मीदवार भी इस मार्च में शामिल हैं। इस मार्च में शामिल होने के लिए देश भर से महिलाएं आज लखनऊ पहुंची हैं।

1090 चौराहे पर महिला मार्च को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी है।

महिलाओं को मुख्यधारा में लाना मार्च का उद्देश्य

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा ने बताया कि उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक भूमि से शुरू किया गया “लड़की हूं लड़ सकती हूं” अभियान कांग्रेस के लिए आंदोलन है। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण की सिर्फ बात ही नहीं करती है, बल्कि उसे जमीन पर लेकर भी जाती है। आज आयोजित होने वाले महिला मार्च का उद्देश्य भारतीय राजनीति में महिलाओं और उनकी आकांक्षाओं को मुख्यधारा में लाना है।

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने वादा किया था कि पार्टी कुल उम्मीदवारों से 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देगी। पार्टी ने वह वादा पूरा किया और इस विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से 159 महिला उम्मीदवारों को पार्टी ने चुनाव लड़ने का मौका दिया।

महिला मार्च के जरिये एकजुटता का दिया संदेश

नेट्टा डिसूजा ने बताया कि यह महिला मार्च एकजुटता का संदेश देने और राजनीति को अधिक समावेशी बनाने के साथ-साथ राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का भी प्रतीक है। नारी शक्ति के राजनीतिक पुनरोत्थान को अब कोई ताकत नहीं रोक सकती है और उत्तर प्रदेश से इसकी शुरुआत हो चुकी है।