
लखनऊ। गुंडे, बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। आलमबाग क्षेत्र स्थित वीजी कॉलोनी की घनी आबादी में गुरुवार भरी दोपहरी में घर के बाहर खेल रहे दो मासूम बच्चों को बेखौफ बदमाशों ने अगवा कर लिया। अपहर्ता बच्चों लेकर लखनऊ से बाहर जनपद लखीमपुर-खीरी लेकर भाग चुके थे। पुलिस ने बहादुरी दिखाई और दोनों बच्चों को लखीमपुर-खीरी से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस टीम ने सीतापुर जिले के सुजाब पुर मंगल पुरवा व हाल पता पटेल नगर आलमबाग निवासी 19 वर्षीय विजय शर्मा पुत्र त्रिभुवन लाल विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अफसरों ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
आलमबाग क्षेत्र स्थित वीजी कॉलोनी में रहने वाले संजय सिंह व संजय यादव के बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे कि इसी दौरान बदमाशों ने दोनों बच्चों को अगवा कर लिया था। घरवालों के होश उस समय उड़े जब अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन कर दस लाख रुपए की फिरौती मांगी।

फिरौती की मांग की खबर मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी सकते में आ गए और आनन-फानन में पुलिस की पांच टीमें गठित कर अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी इसी दौरान पुलिस को कुछ सुबूत मिले और अपहरणकर्ताओं की गर्दन तक पहुंच गई। पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को लखीमपुर-खीरी से सकुशल बरामद कर अपहरणकर्ता विजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पांच टीमें, 24 घंटे, दोनों बच्चे मुक्त
पुलिस की पांच टीमों ने 24 घंटे तक छानबीन की। लखनऊ से सटे सभी जिलों की खाक छानी और बच्चों को सकुशल मुक्त करा लिया। लखनऊ पुलिस की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है।
पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर ने सभी पुलिसकर्मियों को शाबाशी दी है। आलमबाग क्षेत्र स्थित वीजी कॉलोनी से दिनदहाड़े दोनों बच्चों के अपहरण होने की घटना ने पुलिस अधिकारियों के होश उड़ा दिए थे। गुरुवार दोपहर घटना हुई कुछ देर बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस उस समय सकते में आ गई जब अपहरणकर्ताओं ने शुक्रवार सुबह घरवालों से फोन कर दस लाख रुपए की फिरौती की मांग की।
अपने अपने लाड़लों को देख फफक पड़े माता-पिता,,,
अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त हुए दोनों बच्चों को शुक्रवार देर शाम सहायक पुलिस उपायुक्त अभय प्रताप मल्ल कैंट के कार्यालय लाया गया। उनके माता-पिता व अन्य परिवारीजन भी साथ में थे। पुलिस टीम उन दोनों बच्चों को गोद लेकर आए तो घरवाले उनकी दहशत देख फफक पड़े। लोगों ने उनसे पूछताछ की कोशिश की, लेकिन वह इतने खौफजदा थे कि कुछ बोल नहीं पा रहे थे। घरवालों ने पुलिस का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें दुआएं दी।
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