Breaking News
Home / Lok Sabha Election 2024 / राजस्थान में हैट्रिक से चूकी भाजपा, चौदह सीटें जीतीं, कांग्रेस के खाते में आयी इतनी सीट

राजस्थान में हैट्रिक से चूकी भाजपा, चौदह सीटें जीतीं, कांग्रेस के खाते में आयी इतनी सीट

जयपुर  (हि.स.)। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनावों में हैट्रिक बनाने से चूक गई है। विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए ने भाजपा के विजयी रथ को रोकते हुए प्रदेश की पच्चीस में से ग्यारह सीटों पर कब्जा कर लिया, जबकि वर्ष 2019 और 2014 के लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटें जीतने वाली भाजपा के खाते में चौदह सीटें आईं हैं। आईएनडीआईए के घटक दलों में से कांग्रेस को आठ, सीपीएम, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) को एक-एक सीट पर विजय प्राप्त हुई है। इस चुनाव में भाजपा को दस सीटों का नुकसान हुआ है।

मंगलवार को आए परिणामों ने लोकसभा अध्यक्ष, चार मंत्रियों, सात विधायकों और बागियों के भाग्य का फैसला कर दिया। कोटा से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस के प्रहलाद गुंजल को 41974 मतों से हरा कर अपनी सीट बरकरार रखी है। गुंजल ने भाजपा छोड़ कर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। प्रदेश से चुनाव लड़ रहे चार केन्द्रीय मंत्रियों में से तीन चुनाव जीत गए हैं। बीकानेर में केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी अर्जुन राम मेघवाल कांग्रेस के गोविंद राम मेघवाल से 55711 वोटों से, अलवर से केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव कांग्रेस के ललित यादव से 48282 वोटों से तथा जनशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कांग्रेस के करण सिंह उचियारडा से 115677 मतों से चुनाव जीत गए हैं। एक अन्य मंत्री कैलाश चौधरी बाड़मेर से चुनाव हार गए हैं। बाड़मेर की हॉट सीट पर कांग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल ने निर्दलीय रविन्द्र सिंह भाटी को 118176 वोटों से मात दी। कैलाश चौधरी तीसरे नम्बर पर रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह झालावाड़-बारां से लगातार पांचवी बार जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला जैन भाया को 370989 वोटों से हराया। इधर एक और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र और कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत लगातार दूसरी बार चुनाव हार गए हैं। जालौर से भाजपा प्रत्याशी लुंबाराम ने वैभव को 201543 मतों से मात दी। वर्ष 2019 में वैभव गहलोत जोधपुर से केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से चुनाव हारे थे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस प्रत्याशी सीपी जोशी भी भाजपा के दामोदर अग्रवाल से 354606 वोटों से हार गए हैं। भाजपा द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से नाराज सांसद राहुल कस्वां ने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की। उन्होंने चूरू में पैरालंपिक खिलाड़ी और भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र झाझरिया को 72737 मतों से हराया।

प्रदेश में राजसमन्द से भाजपा प्रत्याशी महिमा कुमारी मेवाड़ ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के दामोदर गुर्जर को 392230 मतों के रिकार्ड अन्तर से हराया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश जोशी भी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता उदय लाल आंजना को 389877 वोटों से मात दी। जयपुर से भाजपा प्रत्याशी मंजू शर्मा चुनाव जीत गई हैं। मंजू शर्मा ने कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास को 3,31,767 मतों के अंतर से हराया। इसके अलावा अजमेर से भाजपा के भागीरथ चौधरी ने कांग्रेस के रामचंद्र चौधरी को 329991 तथा उदयपुर में भाजपा के मन्नालाल रावत ने कांग्रेस के ताराचंद मीणा को 261608 मतों से हरा दिया। पाली से भाजपा के पीपी चौधरी ने कांग्रेस की संगीता बेनीवाल को 245351 मतों से मात दी। जयपुर ग्रामीण से भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने कांग्रेस के निर्मल चौधरी को सबसे कम अंतर 1615 वोटों से हरा दिया। निर्मल चौधरी की रीकाउंटिंग की मांग प्रशासन द्वारा खारिज कर दी गई। नतीजों को लेकर विवाद के कारण काफी देर तक चुनाव परिणाम रुका रहा।

प्रदेश में भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए आईएनडीआईए के उम्मीदवारों ने कांग्रेस के नेतृत्व में कड़ा संघर्ष किया। परिणामों के अनुसार कांग्रेस को आठ, सीपीएम, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) को एक-एक सीट पर विजय प्राप्त हुई है।

करौली धौलपुर में कांग्रेस के भजन लाल जाटव ने भाजपा की इंदु देवी को 98945 वोटों से हराया। श्री गंगानगर में कांग्रेस के कुलदीप इंदौरा ने भाजपा की प्रियंका बैलान मेघवाल को 88153, झुंझुनू में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह ओला ने भाजपा के शुभ करण चौधरी को 18235, भरतपुर में कांग्रेस की संजना जाटव ने भाजपा के रामस्वरूप कोली को 51983, दौसा में कांग्रेस के मुरारीलाल मीणा ने भाजपा के कन्हैया लाल मीणा को 237340 तथा टोंक-सवाई माधोपुर में कांग्रेस के हरिश्चंद्र मीणा ने भाजपा के सुखबीर सिंह जौनपुरिया को 64949 वोटों से मात दी।

इसके अलावा आईएनडीआईए के उम्मीदवार सीपीएम के अमराराम सीकर से 72896 वाटों से चुनाव जीत गए। उन्होंने भाजपा के सुमेधानंद सरस्वती को 72896 वोटों से हराया। वहीं अन्य घटक दलों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के हनुमान बेनीवाल ने नागौर में भाजपा की ज्योति मिर्धा को 42225 तथा भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) के राजकुमार रोत ने बांसवाड़ा में भाजपा के महेन्द्रजीत सिंह मालवीया को 247054 मतों से हरा दिया। ज्योति मिर्धा और महेन्द्रजीत सिंह मालवीया चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। दोनों की वरिष्ठ नेताओं को दलबदल के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा।

बागीदौरा विधानसभा सीट पर बीएपी की जीत

लोकसभा चुनावों के साथ-साथ बागीदौरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी हुआ है। यहां भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के जयकृष्ण पटेल 51434 मतों से विजयी घोषित हुए। उन्होंने भाजपा के सुभाष तंबोलिया को हराया। यह सीट महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा में शामिल होने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुई थी।

Check Also

रिपोर्ट : लगातार बढ़ रहे गुस्से और चिढ़चिढ़ेपन के कारण रिश्ते हो रहे शर्मसार

नई दिल्‍ली। क्‍या रिश्‍तों की नई परिभाषा गढ़ी जानी चाहिए? दरअसल आजकल बच्चों और माता-पिता ...