योगी जी कटान पीड़ितों की जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा हटवा दीजिए प्लीज 

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खानाबदोसो की तरह पन्नी के नीचे हांड कपा देने वाली ठंड मे बिताते हैं रात

नहर की पटरियों,रेलवे की जमीन व आदम पुर-रेवली तटबंध पर बनाया आशियाना

जरवल/बहराइच। एक तरफ योगी सरकार प्रदेश के बडे- बडे माफियाओं, गुण्डों, भूमाफियाओं पर कार्यवाही करते हुए बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे की जमीन को मुक्त करा रही है,वहीं दूसरी तरफ घाघरा की कटान मे अपना सब कुछ गवां चुके कटान पीडितों को आवास के लिए आवंटित की गयी जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। कटान पीडित अधिकारियों की चौखट पर न्याय की भीख मांग रहे है।पुलिस प्रशासन भूमाफियाओं के सामने बेवस और असहाय है,तथा कटान पीडितों को कब्जा दिलाने में नाकाम साबित हो रहे है।

इस सम्बंध मे जब मीडिया ने पड़ताल की तो पता चला कि 14 वर्ष पूर्व 2007 में घाघरा नदी की क्रूर लहरों ने जरवल के नियामतपुर ग्राम पंचायत में कटान कर गांव का नामोनिशान मिटा दिया था।घाघरा की क्रूर लहरों में अपना सबकुछ गवां चुके सैकड़ों कटान पीडितों ने नहर की पटरियों,रेलवे की खाली पडी भूमि, आदमपुर रेवली तटबंध पर अपना आशियाना बना लिया था।वही पन्नी व फूस की झोपड़ी बना कर हांड कपा देने वाली पूस की सर्द हवाओ के झोखे मे रात काटने को मजबूर है।

जानकारी के मुताबिक दस वर्ष पूर्व 2010 में जिलाधिकारी के निर्देश पर जरवल देहात में ग्राम पंचायत की खाली पडी तमाम भूमि जमीन में मायाराम,तिलकराम,नन्कू,वसीम, रजपता,शुशीला, नन्कुन्नी,रामावती समेत 52 कटान पीडितों को दो-दो विसवा जमीन घर बनाने के लिए आवासीय पट्टा देकर राजस्व अभिलेखों में कटान पीडितों के नाम अंकित कर दिया गया। ग्राम पंचायत की उक्त जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है,जिससे घाघरा नदी की कटान मे अपना सबकुछ गवां बैठे कटान पीडित आदमपुर रेवली तटबंध,रेलवे की खाली भूमि और नहर की पटरियों पर रहने को मजबूर है।सिंचाई विभाग,रेलवे कटान पीडितों से अपनी जमीन खाली कराने के लिए लगातार दबाव भी बना रहा है।
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उक्त जमीन कटान पीड़ितों के नाम आवंटित है राजस्व विभाग की टीम व पुलिस फोर्स मौके पर भेज कर कब्जा की गई जमीन को जल्द ही खाली कराकर कटान पीड़ितों को बसाया जायेगा

महेश कुमार कैथल उपजिलाधिकारी कैसरगंज