यूपी का रण : 6 में से पांच विधानसभाओं के भाजपा ने घोषित किये उम्मीदवार, देखें लिस्ट

उन्नाव । जिले की 6 विधानसभाओं में से 5 में भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। उम्मीद के विपरीत पार्टी ने अपने सभी पुराने चेहरों पर ही भरोसा जता पिछले कई दिनों से कुछ विधायको के टिकिट कटने की बातों पर विराम लगा दिया। आज जिस एक सीट को होल्ड किया गया वो विधानसभा अध्यक्ष की है। इस सीट पर उनके पुत्र को लेकर पेंच फंसे होने की चर्चाएं हैं।
सदर से प्रत्याशी बनाए गए पंकज गुप्ता लगातार दो बार (एक उपचुनाव एक आम) से विधायक हैं। इससे पहले 2012 के आम चुनाव में इस सीट से पंकज गुप्ता रनर रहे थे। पंकज नगर पालिका परिषद उन्नाव के चेयरमैन भी रह चुके हैं। पंकज गुप्ता ने 2014 लोकसभा चुनाव के साथ हुए विधानसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी मनीषा दीपक को हराया था। इसके बाद 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी मोदी लहर में पंकज गुप्ता ने प्रतिद्वंदी दिवंगत सपा नेत्री मनीषा दीपक को ४६०७२ मतों से हराया था। पंकज को ११९६६९ और मनीषा को ७३५९७ वोट मिले थे।
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अनिल सिंह
पुरवा विधानसभा के ब्लाक हिलौली के कोदहिया के रहने वाले हैं। लखनऊ में अंशुता प्राइवेट कंस्ट्रैक्शन के नाम से बिल्डर्स का काम करते हैं। माही संस्था के नाम एक संस्था चलाकर समाजसेवा में आए। वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर पुरवा विधानसभा चुनाव में उतरे और भाजपा के उत्तम लोधी को २६४८३ वोटों से हराकर विधायक बने। अनिल को ९७५६७ और उत्तम को ७१०४८ वोट मिले थे। 2018 में राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग के बाद भाजपा के पाले में चले गए। उसके बाद से भाजपा के लिए क्षेत्र में काम कर रहे थे। इसी कारण 2022 में भाजपा ने पुरवा से अनिल को ही उम्मीदवार बनाया है।
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श्रीकांत कटियार
2017 में बांगरमऊ से विधायक चुने गए कुलदीप सिंह सेंगर के दुष्कर्म में सजायाफ्ता होने के बाद इस सीट पर वर्ष २०२० में उपचुनाव हुए। जिसमें भाजपा ने पूर्व जिलाध्यक्ष रहे श्रीकांत कटियार को चुनावी मैदान में उतारा। गंजमुरादाबाद ब्लाक के रघुरामपुर के मूल निवासी श्रीकांत कटियार ने उपचुनाव में कांग्रेस की आरती बाजपेयी को ३१३९८ वोटों से हराया था। श्रीकांत को ७१३८१ और आरती को ३९९८३ वोट मिले थे। अब फिर से 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने श्रीकांत पर ही भरोसा जताया है।
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-बंबालाल दिवाकर।
भाजपा से सफीपुर विधानसभा प्रत्याशी बने बंबालाल दिवाकर का 2017 से पहले कोई राजनीतिक इतिहास नहीं रहा था। पहली बार भाजपा ने 2017 में टिकट दिया और उन्होंने जीत का परचम लहराया। बंबालाल ने बसपा के रामबरन को २७२३६ वोटों से हराया था। उस चुनाव में बंबालाल को ८४०६८ और रामबरन को ५६८३२ वोट हासिल हुए थे। वह दूसरी बार विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। वह सफीपुर विधानसभा के फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के दुगवां के रहने वाले हैं। उनका मुंबई सहित कई अन्य देशों में चश्मे का कारोबार है। उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। पार्टी ने सफीपुर में दुबारा कमल खिलाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाली है।
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ब्रजेश रावत
मोहान विधानसभा से दूसरी बार भाजपा के प्रत्याशी बनाए गए ब्रजेश रावत उन्नाव शहर स्थित अटल बिहारी इंटर कालेज में इतिहास के प्रवक्ता हैं। वह मूल रूप से हसनगंज विकासखंड के निजामपुर पचगहना गांव के रहने वाले हैं। 2017 में पहला चुनाव लड़ा था और बसपा के राधेलाल रावत को ५४०९५ वोट से हराया था। ब्रजेश को १०४८८४ और राधेलाल को ५०७८९ वोट मिले थे। इस बार पार्टी ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए मोहान से प्रत्याशी बनाया है।