यूपी इलेक्शन 2022 : कड़ी सुरक्षा में होगी मतों की गिनती, हर विस के लिए 14 टेबल

गोरखपुर । अब 10 मार्च को विधानसभा चुनाव के बाद मतगणना होनी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय, कला संकाय और दीक्षा भवन में मतगणना होनी है। इसको लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।

सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने इसका पूरा खाका मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार के मुताबिक सबसे पहले पोस्टल बैलेट पेपर की मतगणना होगी। मतपत्रों की स्क्रीनिंग के बाद प्रेक्षक व प्रत्याशियों या उनके एजेंट की मौजूदगी में मत गणना कराई जाएगी। फिर ईवीएम की काउंटिंग प्रारम्भ होगी।

उन्होंने बताया कि इस बार बैलेट पेपरों के माध्यम से अधिक वोटिंग हुई है। पांच सौ बैलेट पेपरों की गिनती के लिए एक मेज लगाई जाएगी। इतना ही नहीं, अलग-अलग विधानसभाओं के लिए अलग-अलग काउंटिंग टेबल लगाया जाएगा।

हर विधानसभा की मतगणना को लगेगी 14 टेबल

ईवीएम के वोटों की गिनती के लिए विधानसभावार 14-14 मेजें लगाई जाएंगी। मतगणना कार्मिकों का रेंडमाइजेशन कर लिया गया है। मतगणना कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। 10 मार्च को इन कर्मचारियों को यह पता चलेगा कि उनकी ड्यूटी किस विधानसभा में किस मेज पर लगी है।

एक मेज पर होंगे चार कार्मिक

जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक एक मेज पर पर्यवेक्षक, माइक्रोआब्जर्वर, मतगणना सहायक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगाया गया है। प्रत्येक मेज पर उम्मीदवारों के एक-एक अभिकर्ता तैनात रहेंगे। उनके सामने ही ईवीएम से मतगणना होगी। उन्होंने बताया कि मतगणना के लिए सिर्फ कर्मचारी को ईवीएम का पावर बटन आन कर रिजल्ट बटन दबाना है। रिजल्ट सामने होगा।

स्थापित होगा डेटा सेंटर

मतगणना के लिए डेटा सेंटर स्थापित होगा। बाकायदा कम्प्यूटर लगे होंगे। जब मेजों पर मतगणना चक्र पूरा हो रहा होगा, तब प्रति चक्र का डेटा चुनाव आयोग की साइट पर फीड होता रहेगा। डेटा सेंटर से ही मतगणना की जानकारी लाउडस्पीकर से दी जाएगी।

अर्धसैनिक बल कर रहे ईवीएम की सुरक्षा

डीएम के मुताबिक 4126 बूथों की ईवीएम को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्ट्रांग रूम में रखा गया है। अर्धसैनिक बलों के सुरक्षा घेरे में हैं। प्रत्येक स्ट्रांग रूम के कमरे में सीसीटीवी कैमरा लगा है।