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यमुना और बेतवा नदियों में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, 64 गांवों को लेकर मास्टर प्लाॅन तैयार

बाढ़ की जद में आने वाले 64 गांवों को लेकर मास्टर प्लाॅन तैयार

हमीरपुर,  (हि.स.)। हमीरपुर में हथिनी कुंड से लाखों क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने से यहां अब यमुना और बेतवा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हालांकि दोनों नदियां अभी लाल निशान से काफी नीचे बह रही हैं, लेकिन 24 घंटे के अंदर यमुना का जलस्तर 41 सेमी बढ़ने से प्रशासन अलर्ट हो गया है। नदियों के जलस्तर पर नजरें रखने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।

 

हमीरपुर शहर यमुना और बेतवा नदियों से चारों ओर से घिरा है। करीब 77 किमी लम्बी यमुना नदी उत्तरी सीमा के 250 वर्ग किमी क्षेत्र को प्रभावित करती है। इसी तरह से बाढ़ के दौरान 134 किमी लम्बी बेतवा नदी 1500 वर्ग किमी क्षेत्र को प्रभावित करती है। इसके अलावा 22 किमी लम्बी केन नदी से 400 वर्ग किमी, 71 किमी लम्बी धसान नदी से 600 वर्ग किमी, 94 किमी लम्बी विरमा नदी से 200 वर्ग किमी व 90 किमी लम्बी चन्द्रावल नदी से डेढ़ हजार वर्ग किमी क्षेत्र बाढ़ के मौसम में प्रभावित होता है। जबकि स्थानीय 15 नाले भी बारिश के दौरान उफनाते हैं। पिछले बार नदियों की बाढ़ से दर्जनों गांवों में भारी तबाही मची थी। हमीरपुर शहर के अंदर भी कई मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुसने से सैकड़ों मकान जलमग्न हो गए थे। इस बार लगातार बारिश होने के बीच हथिनी कुंड से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यहां यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

 

मौदहा बांध निर्माण खंड के सहायक अभियंता सर्वजीत वर्मा ने गुरुवार को बताया कि हथिनी कुंड से साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। चौबीस घंटे में यमुना नदी का जलस्तर 41 सेमी बढ़ा है, वहीं बेतवा नदी का जलस्तर भी चौबीस घंटे में 26 सेमी बढ़ा है। इस समय यमुना नदी 90.660 मीटर पर बह रही है, वहीं बेतवा नदी का जलस्तर 90.150 मीटर है। बताया कि दोनों नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है।

इधर एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेश चन्द्र ने बताया कि बाढ़ आने से पहले ही यहां हर स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिले में 36 बाढ़ चौकियों बनाई गई है। उनके प्रभारियों को सतर्क कर दिया गया है। इसके अलावा राहत कैम्पों की भी व्यवस्था की गई है।

 

दोनों नदियों के उफनाने पर रेड जोन में रखे गए तेरह गांव

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रमेशचन्द्र ने बताया कि यमुना और बेतवा नदियों में बाढ़ के खतरे को लेकर यहां मनकी कला, मनकी खुर्द, उमराहट, बरुआ, बिलौटा, भौली, भटपुरा, जलाला, जमरेही तीर, जमरेही ऊपर, बचरौली, सिकरोढ़ी व चंदूपुर गांव समेत 13 गांवों को रेड जोन में रखा गया है। बताया कि इन गांवों में बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों की सूची तैयार करा ली गई है। नदियों में बाढ़ आने पर प्रभावित परिवारों व पशुओं को प्रशासन के राहत कैम्प में ठहराया जाएगा।

 

बाढ़ की जद में आने वाले तेरह गांव भी रखे गए येलों जोन में

हमीरपुर में यमुना और बेतवा नदियों की उफान से दर्जनों गांवों में भारी तबाही मचती है। पिछले साल यहां बाढ़ से हजारों लोगों को घर छोड़कर राहत कैम्प में शरण लेनी पड़ी थी। इस बार प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए 13 गांवों को येलो जोन में रखकर मास्टर प्लान बनाया है। कौतूपुर, पटिया, भिलांवा, रिठौरा, कनौटा, बदनपुर, केसरिया डेरा, भौला का डेरा, रमेड़ी डिग्गी, ब्रम्हा का डेरा, हमीरपुर, मोराकांदर व परसनी समेत तेरह गांवों के परिवारों का ब्यौरा प्रशासन ने तैयार कराया है।

 

107 मीटर से ऊपर प्रभावित होने वाले 64 गांव भी ग्रीन जोन में

मौदहा बांध निर्माण खंड हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता केपी गंगवार ने बताया कि हमीरपुर जिले में परसनी, कुम्हउपुर, सहुरापुर, पौथिया, कीरतपुर, बरदहा, सहजना, नेठी, बेंदो डांडा, बंधौली, रतौली, जमौड़ी, जिटकरी, चंडौत, बसरिया, रिरुवा बुजुर्ग, कुपरा, मेरापुर, मंगरौठ, घुरौली, पारा, ओझी, सिडऱा, कारीमाटी, देवगांव, बड़ागांव, अमिरता, कुछेछा, टिकरौली, सूरजपुर, चंदुलीतीर, हरेहटा पतारा, कंडौर, बेरी, इन्दपुरी,बजेहटा व बिन्दपुरी समेत 64 गांव ग्रीन जोन में रखे गए हैं।

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