मैनपुरी : शिक्षा पर लापरवाही का ग्रहण, परिषदीय स्कूलो के निरीक्षण में खुल रही पोल !



मैनपुरी। कोरोना काल के दौरान पटरी से उतरी परिषदीय शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों की लापरवाही का भी शिकार होने लगी है। स्कूल खुलने के बाद अधिकारियों ने हाल जाना तो लापरवाही बड़े पैमाने पर सामने आयी। 14 फरवरी से स्कूल खुले तो शिक्षकों ने गंभीरता नहीं दिखाई और पढ़ाई के माहौल को पटरी पर लाने के प्रयास नहीं किए। यही वजह रही कि पिछले 20 दिनों में 30 शिक्षक निरीक्षण के दौरान लापरवाही करते हुए पकड़े गए। इनके वेतन काटने की कार्रवाई भी हुई है।

जिला में कोरोना काल के दौरान परिषदीय शिक्षा का खासा नुकसान हुआ है। कोरोना संकट से पहले जिला के परिषदीय स्कूलों की धाक पूरे प्रदेश में और देश में चर्चा का विषय बन गई थी। परिषदीय स्कूल के बच्चों की पढ़ाई का स्तर अनुकूल हुआ। इतना ही नहीं बच्चों ने खेल के क्षेत्र में भी राज्य और मंडल स्तरीय प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतने की झड़ी लगा दी। इसके साथ ही शिक्षक-शिक्षिकाओं में भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार जीतने की होड़ पैदा हो गई। लेकिन कोरोना आया तो परिषदीय शिक्षकों की तरक्की की रफ्तार को ब्रेक लगा गया। पढ़ाई का स्तर भी चौपट हो गया।

बहुत से शिक्षक बन गए नेता
जिला के परिषदीय स्कूलो की शिक्षा व्यवस्था का भगवान ही मालिक है। परिषदीय स्कूलो में तैनात बहुत से शिक्षक नेता बन गए है। जो शिक्षको का संगठन बनाकर अपनी नेतागीरी में चार चांद लगा रहे है। अगर हकीकत के पीछे जाए तो परिषदीय शिक्षा का स्तर शायद इसीलिए नीचे जा रहा है। क्यो नेता वह बन गए है जिन्हे स्कूलो से ज्यादा मतलब है।