Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / मिशन 2022 : सिदरा खान संभालेगी आजम की राजनीतिक विरासत, क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरने की अटकले

मिशन 2022 : सिदरा खान संभालेगी आजम की राजनीतिक विरासत, क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरने की अटकले



-अखिलेश यादव को बताया परिवार का हमदर्द
-क्षेत्र की जनता ने चाहा तो नहीं होगा चुनाव लडऩे से परहेज

लखनऊ। इस बार के विधानसभा चुनाव में जहां कई पुराने कद्दावर चुनावी परिदृश्य से गायब दिखेगे तो कई राजनीतिक घरानों के नए चेहरे इस चुनाव से अपनी सियासी पारी शुरू करते दिखेगे। मुलायम के बाद अब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठï नेता और रामपुर के सांसद मो.आजम खां की बहू सिदराखान अपने ससुर की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए मैंदान में उतरने वाली है। प्रदेश के किसी बड़े नेता की बहू के रूप में सियासी पारी शुरू करने वाली सिदरा खान कोई पहली महिला नहीं होगी।

इससे पूर्व सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव जहां कई बार सांसद रही तो पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की बहू प्रेमलता वर्मा भी अतरौली विधानसभा क्षेत्र से सदस्य रह चुकी है। मो.आजम खां का शुमार समाजवादी पार्टी के अग्रिम पंक्ति के नेताओं की श्रेणी में दूसरे नंबर पर है। वे मुलायम सरकार की हर सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और इस समय रामपुर से सांसद है। वे सपा के फायरब्रांड नेता माने जाते है लेकिन इस समय वे अपने पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ जेल में है। अब्दुल्ला आजम भी अपने जन्मप्रमाणपत्र के फर्जीवाड़े के चलते जेल है और इसी सिलसिले में अपनी विधायकी भी गंवा चुके है। आजम खां की पत्नी तंजीन फात्मा इस समय विधानसभा सदस्य है वे भी अपने पति और पुत्र के साथ काफी समय से जेल में रह चुकी है।

तंजीन फात्मा इस समय रामपुर शहर से पार्टी विधायक है। इससे पूर्व राज्यसभा की भी सदस्य रह चुकी है। अपनी बढ़ती उम्र के चलते इस बार वे चुनाव मैंदान में उतरे इसकी संभावना कम दिख रही है। रामपुर में मो.आजम खान का परिवार बड़ा सियासी घराना माना जाता है। अब इस परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए उनकी बहू सिदराखान के आने का तानाबाना बुनकर तैयार है। सिदरा खान आजम खां के बेटे अदीब खान की पत्नी है। अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने के बावत सिदरा खान ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वे रामपुर के लोगों की सेवा करने को तैयार और तत्पर है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यदि उन्हे परिवार से इजाजत मिली तो चुनाव लडऩे से परहेज नहीं करेगी।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगॢर्मयां बढ़ गयी है और मो.आजम खां ने जेल से बाहर आने की संभावनाएं कम दिख रही है और आजम की पत्नी तंजीन फात्मा अपनी वृद्वावस्था के चलते उतनी सक्रिय नहीं दिख रही है ऐसे में राजनीतिक विरासत संभालने के लिए सिदरा खान की इंट्री कोई चौकाने वाली बात नहीं होगी। सिदरा खान यदि समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैंदान में उतरती है तो इससे जहां सपा को नया मुस्लिम चेहरा होगी वहीं सिदरा अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम करेगी। सिदरा की माने तो उनके परिवार के लोगों को राजनीतिक विद्वेष के चलते फर्जी मुकदमों में फंसाया गया। सपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को वो अपने परिवार का सबसे बड़ा हमदर्द मानती है

Check Also

विधानसभा चुनाव : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने ही बुने जाल फंस रही सपा, जानें पूरा मामला

– सपा-रालोद की 29 प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में 9 मुस्लिमों के नाम से जाटों ...