मानसून घूम गया है। इसका एक सिरा 11 दिन से कर्नाटक में फंसा है, जबकि दूसरा सिरा तेजी से बढ़ते हुए मुंबई को पार कर गुजरात की सीमा तक जा पहुंचा है। पिछले कई दशकों के आंकड़े बताते हैं कि मानसून जब गुजरात की सीमा तक पहुंचता है तो मध्यप्रदेश से नीचे के सभी राज्यों में मानसूनी बारिश शुरू हो चुकी होती है।
इस बार ऐसा नहीं है। क्योंकि, मानसून ने अभी केरल को ही कवर किया है। जबकि, 12 जून तक आंध्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र व आधे छत्तीसगढ़ में मानसून छा चुका होता है।
हवाओं की रफ्तार बढ़ रही है। तेजी से बन रहे मानसून के आसार बन रहे हैं। इसके असर से अगले तीन दिन में महाराष्ट्र और मध्य भारत में गरज के साथ छीटें पड़ने के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी। पूर्वोत्तर में हिमालयी और पश्चिम के तटीय इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है। दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों को छोड़ दें तो 14 जून तक कहीं भी बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकि पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और राजस्थान में अभी लू चलती रहेगी।
मुंबई में मानसून सक्रिय होने से मध्यप्रदेश में भी नमी आ रही है। महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तक द्रोणिका भी बनी है, जो बारिश की वजह बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार सुबह आसमान साफ रहेगा, लेकिन बाद में बादल छाएंगे, बारिश भी होगी। अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा, उमस रहेगी।
मध्यप्रदेश में दो-तीन दिन में दस्तक देगा मानसून
इंदौर में भी प्री-मानसून की धमाकेदार एंट्री हुई। शनिवार को दिन की शुरुआत साफ आसमान से हुई, लेकिन दोपहर दो बजे बाद काले बादल छा गए। रात सवा आठ बजे से शुरू हुआ जोरदार बारिश का दौर। गांधीनगर से बायपास, मांगलिया से राऊ तक पूरा शहर एक जैसा भीगता रहा। रात 11.30 बजे तक करीब दो इंच (47.4 मिमी) बारिश हो चुकी थी। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक, यदि मानसून की यह रफ्तार बरकरार रही तो तीन-चार दिन यानी 15 जून के आसपास यह मप्र में भी दस्तक दे सकता है।
छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भी बारिश, पारा गिरा
रायपुर में शनिवार की रात प्री मानसून की पहली तेज बारिश हुई। पानी बरसने के पहले कुछ देर तक तेज हवाएं भी चलीं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। यानी भीषण गर्मी से राहत तो मिलेगी ही, बारिश भी नियमित अंतराल में होने की संभावना है। रविवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।
दो दिनों में तक आएगा बिहार, अभी दाेपहर में झुलसा रही धूप
पटना में शनिवार को सुबह 11 बजे से ही धूप में तपिश थी। इस दौरान तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि, औसत तापमान 29 डिग्री था। दोपहर एक से तीन बजे तक तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया था, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। हालांकि, शाम होते ही तापमान में गिरावट दर्ज हुई। इस दौरान शनिवार को पटना में अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री दर्ज किया गया।
राजस्थान के सभी शहर 40 से ऊपर तप रहे
अभी भी राजस्थान के सभी शहर 40 डिग्री से ऊपर तप रहे हैं। शनिवार को धौलपुर 46 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा। जयपुर का पारा 42.7 डिग्री रहा। अब रविवार को जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं।
झारखंड में और 3 दिन रहेगी उमस-लू
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक डाॅ. अभिषेक आनंद ने बताया कि सोमवार-मंगलवार को राज्य के कई जिलों में लू चलने के आसार हैं। इसे लेकर मौसम विभाग की ओर से चेतावनी भी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि दिन में उमस भरी गर्मी के बाद शाम में बादल छा सकते है। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है। बुधवार को प्रदेश में मॉनसून के प्रवेश के बाद कई स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश के आसार दिख रहे हैं।
जलवायु परिवर्तन से शुरुआती जून में 2 की जगह 5-6 हीट वेव
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में बड़े बदलाव हो रहे हैं। यही कारण है कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस साल राज्य में हीट वेव की संख्या बढ़ी है। अब 40 डिग्री तापमान सामान्य गर्मी को दर्शाता है। इससे अधिक तापमान होते ही गर्म हवाएं हीट वेव की श्रेणी में आ जाती हैं। हर वर्ष जून माह में लगभग 2 हीट वेव दर्ज होते थे, लेकिन इस साल इसकी संख्या बढ़कर 5-6 हो गई है।
चंडीगढ़-पंजाब में भी लू, मध्य भारत में पारा गिरेगा
देश के तमाम हिस्सों में तापमान में गिरावट शुरू हो गई है लेकिन, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और राजस्थान में लू जारी रहेगी। दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों को छोड़ दें तो 14 जून तक कहीं भी बारिश की संभावना बहुत कम है।