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महंगाई का चौतरफा अटैक : 80 पैसे लीटर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, रसोई गैस भी हुई महंगी; आज से देने होंगे इतने रुपये

पांच राज्यों के चुनावों के कारण 137 दिनों से स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम मंगलवार को 80 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं। इतना ही नहीं, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में भी 50 रुपए का इजाफा हुआ है। दिल्ली में अब 14.2 किलो का बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 949.50 रुपए में मिलेगा। वहीं, पेट्रोल की कीमत 96.21 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.47 प्रति लीटर हो गई है।

मुंबई में पेट्रोल 110.82, डीजल 95.00, कोलकाता में पेट्रोल 105.51, डीजल 90.62 और चेन्नई में पेट्रोल 102.16 और डीजल 92.19 रुपए प्रति लीटर हो गया है। दिल्ली में 5 किलो वाला LPG सिलेंडर 349 रुपए, 10 किलो वाला 669 रुपए और 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2003.50 रुपए में मिलेगा।

दीपावली के एक दिन पहले घटी थी एक्साइज ड्यूटी
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी। तक पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 5 रुपए और डीजल में एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई गई थी। इसके बाद कई राज्यों ने वैट में भी कटौती की थी। इससे आम आदमी को थोड़ी राहत मिली थी।

चुनाव बाद दाम बढ़ने का अंदेशा सच साबित हुआ
चुनाव और पेट्रोल-डीजल के दाम का आपसी संबंध देखें, तो मौजूदा सरकार अब तक तीन बार चुनाव से ठीक पहले तेल के दाम स्थिर रखती है, जबकि चुनाव के बाद दाम बढ़ जाते हैं। इन तीन राज्यों में चुनाव और पेट्रोल-डीजल के कनेक्शन को यहां समझा जा सकता है।

  • पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 6 अप्रैल से 29 अप्रैल 2021 तक चुनाव हुआ। 23 फरवरी 2021 से पेट्रोल-डीजल के दाम फ्रीज हो गए। 2 मई को जब चुनाव के नतीजे आए। 4 मई से अगले पांच महीने तक पेट्रोल के दाम हर दिन या फिर हर दूसरे दिन बढ़ते गए। इस दौरान करीब 20 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हुई।
  • 2020 के अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ। 23 सितंबर से 19 अक्टूबर तक पेट्रोल-डीजल के दाम एक बार भी नहीं बढ़े, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद 20 नवंबर 2020 से कीमतें बढ़ने लगी।
  • 2019 में लोकसभा चुनाव हुआ। मार्च में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में 10% की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन दाम सिर्फ 1% बढ़े। 20 मई को परिणाम आने के बाद फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे।

रूस-यूक्रेन लड़ाई के चलते जो दाम बढ़े थे, वो अब गिर रहे हैं
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम तेजी से बढ़ते हुए 7 मार्च को 139.13 डॉलर पर पहुंच गया था। इससे पहले 2008 में कच्चे तेल का दाम 140 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा था। हालांकि, अब क्रूड की कीमतें तेजी से गिर रही हैं। 10 मार्च को कच्चे तेल के दाम 108.7 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए थे। जानकार बताते हैं कि क्रूड के रेट में गिरावट का क्रम अभी जारी रहेगा।

कच्चे तेल का दाम दोगुना हुआ फिर भी नहीं बढ़े थे दाम
कच्चे तेल का दाम 1 दिसंबर 2021 को 68.87 डॉलर था। उस वक्त दिल्ली में पेट्रोल का दाम 95.41 रुपए प्रति लीटर था। 7 मार्च 2022 को कच्चे तेल का दाम 139.13 डॉलर पहुंच गया। इसका मतलब ये हुआ कि 102 दिन में अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड के दाम 70.26 डॉलर तक बढ़ गए, लेकिन दिल्ली में पेट्रोल के दाम 95.41 पर ही टिके रहे। अब जबकि क्रूड के रेट 108 डॉलर पर आ गए हैं, तब भी दाम बढ़ा दिए गए हैं।

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