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मप्र में इस तारीख से शुरू होगा 12 से 14 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन, 30 लाख बच्चों को लगेगी वैक्सीन

– गर्मी के चलते बच्चों को टीका लगाने से पहले दिया जाएगा ओआरएस का घोल

भोपाल  (हि.स.)। मध्यप्रदेश में 12 से 14 साल के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान आगामी 23 मार्च से शुरू होगा। इस दौरान इस आयु वर्ग के 30 लाख से अधिक बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले कुछ दिनों में अचानक गर्मी बढ़ने के कारण अभियान में बड़ा बदलाव किया गया है। अब हर बच्चे को कॉर्बेवैक्स वैक्सीन लगाने से पहले ओआरएस का घोल दिया जाएगा। इसके बाद ही टीका लगाया जाएगा। यह व्यवस्था वैक्सीन लगने वाले सभी स्कूलों और स्वास्थ्य केन्द्रों में की जा रही है। इससे बच्चों में डिहाइड्रेशन नहीं होगा। न ही उनकी तबीयत खराब होगी।

राज्य कोविड टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने शनिवार को बताया कि तेज गर्मी के बीच धूप में बच्चे वैक्सीन लगाने पहुंचेंगे। ऐसे में गर्मी के कारण बच्चे डिहाइ़ड्रेशन का शिकार हो सकते हैं। पसीना बहने से शरीर में शक्कर और नमक की मात्रा कम होने से उनके बेहोश होने की संभावना रहेगी। इसीलिए वैक्सीनेशन से पहले बच्चों को ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट) का घोल पिलाया जाएगा, ताकि शरीर में नमक-पानी की कम न हो।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि कोरोना ही नहीं, कोई भी टीका खाली पेट नहीं लगवाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ बड़े स्कूलों में भी टीकाकरण की सुविधा रहेगी। प्रदेश में करीब 30 लाख बच्चों को टीका लगाया जाना है। इनमें भोपाल के 86 हजार बच्चे शामिल हैं। टीका लगाने के लिए प्रदेश में कार्बीवैक्स की 31 लाख डोज आ चा चुकी हैं, जिसमें भोपाल को 54 हजार मिली हैं। सुबह आठ से शाम पांच बजे के बीच स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों को टीका लगाने के लिए बुला सकेंगे। टीका लगवाने के बाद बच्चों को स्कूल में ही आधे के घंटे के लिए निगरानी में बैठाया जाएगा। इसके पहले बड़ों के टीकाकरण में यह व्यवस्था थी। बच्चों को टीका लगाने के लिए कोविन पोर्टल पर आनलाइन बुकिंग की सुविधा शनिवार सुबह से शुरू कर दी गई है।

भोपाल सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि टीकाकरण के पहले दिन 23 मार्च को शहर के सिर्फ सरकारी स्कूलों में टीका लगाने की तैयारी है। बच्चों के अभिभावक पहले से आनलाइन बुकिंग करा लेते हैं तो विद्यार्थी के नाम आदि में गलती होने की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खिला-पिलाकर ही टीका लगवाने के लिए भेजें। कोविन पोर्टल पर पहले से बुकिंग कर रिफरेंस आईडी लिख लें। टीकाकरण के दौरान आइडी के अंतिम चार अंक बताएं। जन्मतिथि के सत्यापन के लिए लिए जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्कूल का परिचय पत्र लेकर जरूर लेकर जाएं। बच्चा जिस स्कूल में पढ़ता है, उसकी जगह पास के किसी दूसरे स्कूल में भी टीका लगवा सकते हैं। टीका लगवाने के बाद पहली डोज लगवाने का प्रमाण पत्र जरूर लें। जिन्हें कोरोना हो चुका है, वे ठीक होने के तीन महीने बाद ही टीका लगवाएं।

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