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बहुत खास है चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन, जानिए चैत्र शुक्ल पंचमी के दिन मां लक्ष्मी जी की कैसे करें पूजा

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा सुख-समृद्धि और धन की देवी हैं। अगर नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना की जाए, तो इससे दुर्गा माता प्रसन्न होती हैं और उनकी विशेष कृपा भक्तों पर बनी रहती है।

वैसे देखा जाए तो साल भर में कुल चार नवरात्रि आती है परंतु शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से लेकर 11 अप्रैल तक चलने वाली है। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि नवरात्रि का एक दिन ऐसा भी होता है जब धन की देवी माता लक्ष्मी जी की विशेष आराधना की जाती है।

ऐसी मान्यता है कि अगर इस दिन मां लक्ष्मी जी की पूजा की जाए, तो इससे जिंदगी की सभी प्रकार की आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से चैत्र नवरात्रि का कौन सा दिन मां लक्ष्मी जी को समर्पित है और किस प्रकार मां लक्ष्मी जी की उपासना करनी चाहिए, इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

बहुत खास है चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन

आपको बता दें कि नवरात्रि का पांचवा दिन स्कंदमाता की पूजा का विधान है परंतु चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन का संबंध धन की देवी माता लक्ष्मी जी से भी माना जाता है। अगर इस दिन माता लक्ष्मी जी की विशेष पूजा और हवन किया जाए, तो इससे मां बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं।

ऐसा माना जाता है कि चैत्र शुक्ल पंचमी का दिन मां लक्ष्मी की आराधना के लिए सबसे उत्तम होता है। अगर आप इस दिन माता लक्ष्मी जी की उपासना करते हैं, तो इससे आपको विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।

जानिए चैत्र शुक्ल पंचमी के दिन मां लक्ष्मी जी की कैसे करें पूजा

आपको बता दें कि चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि मां लक्ष्मी जी की उपासना के लिए बहुत ही खास मानी गई है। ऐसी मान्यता है कि अगर मां लक्ष्मी जी की विधि-विधान पूर्वक इस दिन उपासना की जाए, तो आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। अगर आप इस दिन माता लक्ष्मी जी की पूजा कर रहे हैं तो इसके लिए आप माता लक्ष्मी जी को धान, गन्ना, गुड़ हल्दी आदि अर्पित कीजिए। इसके बाद आपको कमल के फूल और श्रीसूक्त से हवन करना होगा।

अगर कमल का फूल उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो ऐसी स्थिति में बेल के टुकड़े या सिर्फ घी से भी हवन किया जा सकता है। जब आप हवन कर लें तो उसके बाद माता लक्ष्मी जी को सुहाग की सामग्री अर्पित कीजिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इससे मां लक्ष्मी जी की विशेष कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी। इतना ही नहीं बल्कि आपको धन-वैभव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मां लक्ष्मी के हैं आठ स्वरूप

चैत्र नवरात्रि के दौरान महालक्ष्मी जी के 8 रूपों की पूजा करनी चाहिए। इससे मां लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धर्म शास्त्रों में मां लक्ष्मी जी के 8 स्वरूपों का उल्लेख किया गया है जिन्हें अष्टलक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है।

ऐसा माना जाता है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान महालक्ष्मी के 8 रूपों की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके साथ ही धन-वैभव में भी बढ़ोतरी होती है।

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