बहराइच : 300 से अधिक आंगनबाड़ी महिलायें खुले में शौच जाने को मजबूर, सीडीपीओ कार्यालय में बना शौचालय खस्ताहाल

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सांसद व ब्लाक प्रमुख के करीबी भाजपा नेता ने विकास विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा

भ्रष्टाचार की जांच के लिए जिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र

मिहींपुरवा ब्लॉक परिसर में बने सीडीपीओ कार्यालय व बाल पुष्टाहार गोदाम के कायाकल्प में भ्रष्टाचार का लगाया है आरोप

मिहींपुरवा/बहराइच l मिहींपुरवा विकास खंण्ड में सरकार की कायाकल्प योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किए जाने कि शिकायत अक्सर मिलती रहती है | शिकायतों के क्रम में ही मिहींपुरवा विकास खंण्ड परिसर में बने सीडीपीओ कार्यालय के जर्जर भवन का कायाकल्प योजना के तहत लगभग 1 वर्ष पूर्व ही मरम्मत व रंग रोगन कराया गया था | लेकिन मरम्मत के कुछ दिन बाद ही सीडीपीओ कार्यालय की रेलिंग आदि टूट कर गिर गई | कायाकल्प योजना के तहत लाखों खर्च कर मरम्मत कराए जाने के बावजूद भी सीडीपीओ कार्यालय का शौचालय जर्जर है तथा प्रयोग में लाए जाने उपयुक्त नहीं है |

मिहींपुरवा के पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रवण कुमार मदेशिया ने बताया कि विकासखंड कार्यालय परिसर से सटे बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय में कायाकल्प हेतु अवर अभियंता की ओर से तीन फाइल बनायी गयीं जिसके बाद लगभग 9 लाख रुपये निकाल कर बंदरबाट कर लिये गये। मौके पर कायाकल्प के नाम पर महज़ खाना पूर्ती की गयी। इस घोटाले की जांच हेतु जिलाधिकारी बहराइच एंव मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिख कार्यवाही की मांग की गयी है। बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय में मौजूद पत्रवाहक राधेश्याम मौर्या ने बताया कि हमारे कार्यालय में कायाकल्प का कोई काम सही ढंग से नही हुआ है। वर्तमान में कार्यालय का शौचालय तक कार्यरत नही है। यहां 306 महिलाएं बालपुष्टाहार लेने आती हैं। शौचालय न होने के कारण सभी को खुले में झाड़ियों में शौच करने जाना पड़ता है। कमरो के दरवाज़ा टूटे हैं छत की रैलिंग भी टूटी है। जलनिकासी टैंक भी अपूर्ण है।

बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय में कायाकल्प के नाम पर में 9 लाख निकले।
मिहींपुरवा विकासखंड के पूर्व प्रमुख श्रवण कुमार मदेशिया की ओर से दिये गये शिकायत पत्र में अवगत कराया गया कि अवर अभियंता की ओर से सत्र 2020- 21 में तीन बार कायाकल्प की ओर से पैसा खारिज किया गया है। पंचम वित्त से कार्य का नाम सीडीपीओ कार्यालय गोदाम की मरम्मत व रंगाई पर 6 48010 रुपये निकाले गये तथा चतुर्थ वित्त से कार्य का नाम सीडीपीओ कार्यालय गोदाम की रंगाई पुताई पर 52 386 रुपये एंव कार्य का नाम सीडीपीओ कार्यालय गोदाम की मरम्मत पर पर्यावरण 189085 रुपये निकाले गये। शिकायत कर्ता का कहना है कि यदि धरातल पर काम नही करना था तो अवर अभियंता की मिलीभगत लगभग 9 लाख रुपये क्यों खारिज किये गये।

आंगनबाड़ी संघ ने भी प्रदर्शन कर कायाकल्प भ्रष्टाचार का किया विरोध
उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने सीडीपीओ कार्यालय के सामने एकत्र होकर कायाकल्प के भुगतान के बाद भी शौचालय आदि व्यवस्थाओं में अनियमितता को लेकर चिंता जातायी।

आंगन बाड़ी की ब्लाक अध्यक्ष सुनीता मौर्या ने कहा कि हमारे सीडीपीओ कार्यालय में सुविधाओं का आभाव है। सीडीपीओ कार्यालय में सैकड़ो महिलायें आती है सभी महिलाओं का अपना सम्मान है किंतु कायाकल्प का भुगतान हो जाने के बावजूद भी यदि हमारी आंगनबाड़ी बहनो को मजबूरी में खुले में शौच जाना पानी तो यह विकास विभाग के लिए शर्मनाक है।