प्रतापगढ़ : 42 वर्षों से रामपुर खास में फहरा रहा है कांग्रेस का झण्डा

– पिता से विरासत में मिली विधायिकी को बचाना मोना के लिये चुनौती

लालगंज, प्रतापगढ़। वर्ष 1980 से लगातार रामपुर खास में कांग्रेस का परचम लहरा रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी और अब उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना कर रही हैं। वर्ष 2017 में मोदी लहर में भाजपाई यहां कमल की सुगंध नहीं फैला पाए। इस बार देखना है कि भाजपा कांग्रेस के इस अभेद्य दुर्ग को भेद पाएगी या नहीं? फिलहाल भाजपाई एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

रामपुर खास में काग्रेस के बयालिस वर्ष के लंबे सफर को रोकने में योगी लहर के जादू रूपी नाव की सवारी कर बीजेपी कमल खिलाने की पूरी कोशिश में जुट गई है। अब विरासत मे मिली कुर्सी को बचाने के लिए वर्तमान विधायिका व पिता के साथ राजनैतिक गुरु पूर्व राज्य सभा सांसद प्रमोद कुमार भी क्षेत्र में जनता के बीच मेहनत करते दिख रहे है। फिलहाल मोदी लहर में बीजेपी को पराजय का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि रामपुर खास में 1980 से अब तक की बागडोर काग्रेस दल के पास रही है। खास बात यह है कि 1980-2013 तक इस दल के सारथी प्रमोद कुमार बने रहे। प्रमोद कुमार का पहला चुनाव जनसंघ के प्रत्याशी राजेन्द्र बहादुर सिंह के बीच हुआ था। दिसंबर 2013 में प्रमोद कुमार राज्यसभा के उपचुनाव में निर्विरोध चुने गए। उसके बाद 2014 में हुए रामपुर खास के उपचुनाव में काग्रेस की सारथी प्रमोद कुमार की बेटी आराधना मिश्न मोना के हाथ लगी जिन्होंने निर्दल प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह को शिकस्त दी थी। 2017 के चुनाव में पुनः इनका मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह से हुआ जिसमें आराधना मिश्रा लगभग सत्तरह हजार वोटो से विरासत में मिली साख को बचाने में सफल रही। आराधना मिश्र अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की नेता भी बनी हुई। कांग्रेस के लिये यह प्रतिष्ठा की सीट भी है। कांग्रेस के इस गढ़ में बीजेपी की बढ़ रही लोकप्रियता व योगी लहर में विरासत की कुर्सी को बचाने में कड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है।

बीजेपी किस पर जताती है विश्वास
लालगंज, प्रतापगढ़। अब देखना है कि बीजेपी किस पर अपना भरोसा जताती है। क्षेत्र के कुलवंत सिंह चौहान व नागेश प्रताप सिंह छोटे सरकार दोनों ही टिकट मिलने का दावा कर रहे हैं। साथ ही दोनों जनता के बीच पहुँच कर मात्र एक संदेश दे रहे है कि रामपुर खास के कीचड़ में कमल खिला कर विकास के लिए एक नया अध्याय शुरु करें।