प्रतापगढ़ : तीन दशकों से कुण्डा और बिहार पर राजा भइया का बना है कब्जा

– 2017 में मोदी लहर का नहीं हुआ था असर

प्रतापगढ़/परियावां। कुण्डा विधायक व प्रदेश के पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया भले ही अपनी जनसत्ता पार्टी बना लिये हों, लेकिन वह जब से राजनीति में आए, कुण्डा और बाबागंज विधान सभा क्षेत्रों पर कभी कोई लहर नहीं चलने दिया। दोनों विधान सभा सीटों पर वर्ष 1993 से अब तक कुण्डा से स्वयं जीतते रहे हैं तथा पड़ोस की बाबागंज विधान सभा क्षेत्र पर भी उन्हीं का अनुयायी विधायक बना। कुण्डा क्षेत्र में आज भी उनका दबदबा बरकरार है। बाबागंज क्षेत्र में भले ही राजा भइया समर्थक चुनाव जीतते रहे हों, लेकिन वहां पर भाजपा और सपा लड़ाई में दिखाई पड़ती रही हों। इस बार फर्क बस इतना है कि राजा भइया के कई पुराने समर्थक अब अलग-अलग दलों में हैं। इसका कितना असर पडे़गा, यह अभी कहना मुश्किल है लेकिन राजनैतिक जानकारों का कहना है कि कुण्डा में अभी राजा भइया का दबदबा कम होने वाला नहीं है।

बता दें कि 2017 के पिछले विधान सभा चुनाव में प्रतापगढ़ के कुंडा व बाबागंज विधानसभा में मोदी की लहर का कोई असर कुंडा बाबागंज विधानसभा सीट पर नहीं पड़ा। कुंडा से राजा भैया व बाबागंज से विनोद सरोज ने प्रचण्ड वोटों से जीत हासिल की थी। इन दिनों उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका है राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गयी है बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर चली थी और उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी उनके सहयोगी दलों प्रचंड बहुमत के साथ 325 सीटें हासिल की थी। प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा व बाबागंज विधानसभा में मोदी लहर का कोई असर नहीं हुआ क्योंकि वहां के नेता व उनके सहयोगी विधायक विनोद सरोज अपने क्षेत्र से भारी अंतर से जीत हासिल करके विधानसभा पहुंचे थे और कुंडा बाबागंज विधानसभा में मोदी लहर के असर को खत्म कर दिया था। राजा भैया कुंडा विधानसभा से लगातार छह बार निर्दलीय विधायक रहे हैं राजनीतिक पार्टियों के बड़े-बड़े महारथी अपने दिग्गजों को चुनावी मैदान में राजा भैया के सामने उतार चुके हैं पर सब को पराजय का मुंह देखना पड़ा। बता दें कि कुंडा विधानसभा में राजा भैया 1993, 1996, 2002, 2007, 2012, 2017, भारी मतों से जीत का परचम लहराया है।