Breaking News
Home / उत्तर प्रदेश / पिकनिक मनाने व मौज-मस्ती करने के लिए पसंदीदा स्थल बना विंध्य क्षेत्र

पिकनिक मनाने व मौज-मस्ती करने के लिए पसंदीदा स्थल बना विंध्य क्षेत्र

– बरसात के मौसम में पर्यटन स्थलों पर बढ़ रही भीड़, बढ़ेगी सुरक्षा

– शराब का सेवन न करने व जलप्रपात पर सावधानी बरतने की सलाह

– जलप्रपातों पर सैलानियों की भीड़ के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन सतर्क

– पर्यटन स्थलों से संबंधित थानों की पुलिस ने बढ़ाई गश्त

मीरजापुर,  (हि.स.)। मानसून के साथ बरसात के मौसम में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ जुटने लगी है। हरी-भरी वादियां, पहाड़, झरने व प्राकृतिक सुंदरता समेटे हरितिमा के बीच विंध्य क्षेत्र पूरे उत्तर प्रदेश का पसंदीदा स्थल है। हालांकि विंध्य क्षेत्र के पर्यटक स्थलों पर पूर्वांचल के पर्यटकों की अधिक भीड़ जुटती है। मौसम सुहाना होने के साथ अब सैलानी पिकनिक मनाने के लिए पर्यटन स्थलों पर पहुुंचने लगे हैं।

जलप्रपात पर अधिक पानी बढ़ने से खतरे का भी अंदेशा है। ऐसे में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने सैलानियों से पर्यटन स्थल पर सतर्क रहकर पिकनिक मनाने की अपील की है। खतरनाक जलप्रपात पर स्नान करने पर रोक लगा दी है। साथ ही शराब का सेवन न करने व जलप्रपात पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

विंध्य क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक पर्यटन स्थल है। लखनिया दरी, सिद्धनाथ दरी, चूनादरी, खजुरी बंधा, खड़ंजा, विंढमफाल, टांडाफाल, कुशियरा फाल, बकरिया फाल सहित अन्य पर्यटन स्थल पर बरसात के मौसम में हजारों सैलानियों की प्रतिदिन भीड़ लगती है। परिवार व दोस्तों के साथ लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं। बाटी-चोखा, दाल-चावल, चिकन आदि व्यंजन का लुत्फ उठाते हैं। हालांकि इस बार देर से बारिश शुरू हुई, लेकिन फिर भी मौसम इन दिनों सुहाना हो गया है।

रुक-रुक ही सही बारिश होने से पर्यटन स्थलों पर लोग खूब मौज-मस्ती कर रहे हैं। आसमान में बादल छाए रहने से चल रही ठंड हवा लोगों को गुदगुदा रही है। वहीं सुहाना मौसम लोगों को लुभा भी रहा है। जलप्रपातों पर सैलानियों की भीड़ के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। पर्यटन स्थलों से संबंधित थानों की पुलिस को वहां पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की घटना न हो सके।

Check Also

कानपुर : फेरों से पहले दूल्हे के गहने लेकर दुल्हन हुई रफूचक्कर, जब बराती ने रास्ता रोका तो

 बराती ने रास्ता रोका तो भाइयों ने उठाकर पटका कानपुर। ग्यारह हसबैंडों का बैंड बजाने ...