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तहसील कर्मचारियों की लापरवाही के चलते धड़ल्ले से बनाए जा रहे फर्जी जाति प्रमाण पत्र

समाजसेवी ने जिलाधिकारी से की शिकायत, फर्जी प्रमाण पत्र लेकर पहुंचा डीएम के दरबार

बागपत। यह बागपत है भैया यहां पर सब कुछ संभव है, कहीं पुलिस की तानाशाही चलती है तो वहीं अधिकारियों की लापरवाही भी समय-समय पर दिखाई देती है, जिसके चलते फर्जी अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र तहसील से बनाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.

हालांकि समाजसेवी सुभाष चंद जैन ने इसकी शिकायत तहसील दिवस पर भी की लेकिन अधिकारियों की लापरवाही को नजरअंदाज करते हुए शिकायती पत्र को ही दबा दिया गया, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर अधिकारियों से आम लोगों की मदद करने की बात का दावा करते हो लेकिन अधिकारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं चंद पैसों के लिए अधिकारी गलत काम करने से भी नहीं डर रहे हैं वही सरकार पर उंगली ना उठाएं इसी बात को लेकर अब समाजसेवी सुभाष चंद जैन नकली ओर फर्जी प्रमाण पत्र लेकर कलेक्टर के दरबार पहुंचा और उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र देते हुए बताया कि जो व्यक्ति गांव में ही नहीं है उसका भी बड़ौत तहसील कर्मचारियों ने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बना दिया है.

इसी तरह से रेनू गर्ग का भी एक अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र बनाया गया है, इतना ही नहीं उसने बताया कि अब तक लगभग एक दर्जन से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आ रहा है, जो चर्चा का विषय है। समाजसेवी सुभाष चंद जैन ने जिलाधिकारी कार्यालय में पूर्ण मामले की जांच कर तहसील के लापरवाह अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कब कार्रवाई होती है।

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