जौनपुर सदर सीट : भाजपा को दबदबा बरकरार रखने की चुनौती

जौनपुर/वाराणसी । जौनपुर जिले की सदर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के सामने लगातार दूसरी बार दबदबा कायम रखने की चुनौती है। पार्टी के रणनीतिकार इसके लिए सियासी चक्रव्यूह रचने के साथ क्षेत्र में केन्द्र और प्रदेश सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं को लेकर लगातार सक्रिय हैं।

वर्ष 2017 में कांग्रेस के युवा नदीम जावेद से भाजपा के गिरीश चंद यादव ( भाजपा सरकार बनने पर राज्यमंत्री) ने ये सीट पार्टी के कुशल प्रबंधन के दम पर छिन ली थी। भाजपा के समर्थन में शिया समुदाय के लोग भी खुलकर रहे। चुनाव में गिरीश चंद यादव को 90,324 मत मिला था। कांग्रेस के नदीम जावेद 78,040 पाकर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नदीम जावेद पहली बार इस सीट से जीते थे। बसपा के तेज बहादुर मौर्य 49,624 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में जावेद अंसारी समाजवादी पार्टी से विधायक बने। तब बसपा के तेज बहादुर मौर्य दूसरे स्थान पर रहे। 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुरेंद्र प्रताप जीते थे। सपा के जावेद अहमद दूसरे स्थान पर रहे। 1996 में सपा के अफजल अहमद 46 हजार 024 कुल 35 फीसद मत पाकर विजेता बने। तब दूसरे स्थान पर भाजपा के सुरेन्द्र प्रताप रहे। सुरेन्द्र को 44 हजार 045 मत मिला था।

वर्ष 1993 में बसपा के मोहम्मद अरशद खान 42 हजार 294 लगभग 36 फीसद मत पाकर जीते थे। दूसरे स्थान पर भाजपा के सुरेन्द्र प्रताप रहे। 1991 में लालचंद ने जीत हासिल की थी। उन्हें 23,849 मत मिला था। दूसरे स्थान पर भाजपा के सोहनलाल मौर्य रहे। 1989 में आईएनडी के अर्जुन सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। दूसरे स्थान पर कांग्रेस के सिराज मेंहदी रहे। 1985 में एलकेडी के चंद्रसेन 32 हजार 102 मत पाकर जीते थे। तब दूसरे स्थान पर कांग्रेस के छविनाथ सिंह रहे। 1980 में इंदिरा कांग्रेस के कमला प्रसाद सिंह 30 हजार 614 कुल 45 फीसद मत पाकर जीते थे। तब दूसरे स्थान पर जेएनपी (एससी) के लालचंद रहे। 1977 में कांग्रेस के ओमप्रकाश ने 22 हजार 696 कुल 38 फीसद मत पाकर जीत हासिल की थी। दूसरे स्थान पर जेएनपी के ओमप्रकाश दूसरे स्थान पर रहे।

जौनपुर सदर सीट पर भाजपा अब तब दो बार जीती है। तीन बार दूसरे स्थान पर रही। बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में रहते हैं। वर्ष 2017 में शिया समुदाय के भाजपा के पाले में आने से पूरा समीकरण ही बदल गया और भाजपा ने मोदी लहर में शानदार जीत हासिल की। इस विधानसभा क्षेत्र में सात मार्च को चुनाव होगा।

जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार 01 नवंबर 2021 से पांच दिसंबर 2021 तक 35 दिन मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम किया गया। 05 जनवरी 2022 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें वर्तमान में कुल 3480774 मतदाता हैं जिसमें 1810105 पुरुष एवं 1670525 महिला मतदाता, 21240 दिव्यांग मतदाता और 80 वर्ष से अधिक उम्र के 46520 मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।