जरूरी खबर : ‘अग्निपथ’ के खिलाफ प्रदर्शन के चलते 95 ट्रेनें कैंसिल, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

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सेना में शॉर्ट पीरियड पर युवाओं की भर्ती के लिए शुरू की गई अग्निपथ स्कीम की आग थमने का नाम नहीं ले रही हैं। देश-प्रदेश में युवा विरोध स्वरूप प्रदर्शन कर ट्रेनों को फूंक रहे और रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर रहे हैं। इसका असर ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा है। कई ट्रेनें लेट हैं तो नार्थ-सेंट्रल रेलवे ने 95 ट्रेनें कैंसिल कर दी है।

उत्तर-मध्य रेलवे ने तीन लिस्ट जारी कर निरस्त की गई ट्रेनों के बारे में यात्रियों को बताया है। इसमें अधिकतर प्रयागराज-कानपुर होते हुए दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनें हैं। उत्तर-मध्य रेलवे के मीडिया सेल ने निरस्तीकरण के लिए खेद जताते हुए कहा है कि ट्रेनों के नियमतिकरण होने पर रेल यात्रियों को सूचना दी जाएगी। फिलहाल, ये ट्रेनें 19 और 20 जून तक के लिए निरस्त की गई हैं।

लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित
प्रदर्शन की आग में युवाओं ने सबसे ज्यादा नुकसान रेलवे को पहुंचाया है। बिहार से शुरू हुआ आंदोलन अब यूपी, तेलंगाना और अन्य राज्यों में फैल चुका है। इस वजह से कई रेलवे ट्रैक डैमेज हो गए और कई जगह अभी भी प्रदर्शनकारी पटरी पर बैठे विरोध जता रहे हैं। ट्रेनों का संचालन ठप होने से सबसे ज्यादा लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। इनमें बिहार, हावड़ा, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की ट्रेनें हैं।

नार्थ-सेंट्रल रेलवे की ओर से जारी की गई निरस्त ट्रेनों की लिस्ट।
नार्थ-सेंट्रल रेलवे की ओर से जारी की गई निरस्त ट्रेनों की लिस्ट।
रेलवे के द्वारा कैंसिल की गईं अन्य ट्रेनें।
रेलवे के द्वारा कैंसिल की गईं अन्य ट्रेनें।

अभी लग सकता है वक्त
ट्रेनों का संचालन सुचारू होने में अभी वक्त लग सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अग्निपथ स्कीम में कई बदलाव करते हुए युवाओं को राहत भी दी है लेकिन वे पीछे हटने को तैयार नहीं है। शनिवार को इस आंदोलन को शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं मगर युवाओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वह लगातार रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेनों के संचालन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। नतीजा ये है कि कई ट्रेनें 12 से 24 घंटे देरी से चल रही हैं। ज्यादा देरी होने पर ट्रेनें निरस्त की जा रही हैं।

परेशानी में दिखे यात्री
ट्रेनें लेट और निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री सेंट्रल स्टेशन पर अपनी ट्रेन के आने के इंतजार में कई घंटों से बैठे रहे। ट्रेनें रद्द होने और दूसरी कोई ट्रेन न मिलने पर कई यात्री सड़क मार्ग से गंतव्य की ओर निकल पड़े। कुछ ने दूसरी ट्रेनों की टिकट ले ली लेकिन आशंका ये रही कि वह भी कही लेट न हो जाए। इस दौरान कई यात्रियों ने अपना आरक्षण कैंसल करा दिया और दूसरे संसाधन की तलाश में निकल पड़े। कुछ यात्री कई घंटों से सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों के इंजतार में समय बिताते दिखे।