खेतिहर व बगैर खेतिहर किसानों को मिल रहा है बिना गारंटी के 1.60 हजार रुपये का ऋण

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गाजियाबाद। पशुपालकों व मत्स्य पालन करने वाले किसानों के लिए इन दिनों बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)की तर्ज पर 1.60हजार रुपये तक का दे रहे है। बैंक यह ऋण बिना गारंटी के बैंक स्वीकृत कर रहे हैं । अभी तक जिले में 24 पशुपालकों को दिया जा चुका है। यह ऋण पूरी तरह से केसीसी यानि किसान क्रेडिट कार्ड की तरह है फर्क सिर्फ इतना है किसान क्रेडिट कार्ड का रिनुअल एक साल के अंदर करना होता है जबकि इस ऋण का रिनुअल 6 महीने के अंदर किसान को करना होगा ।

जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश कुमार ने बताया कि इस ऋण को भी किसान क्रेडिट कार्ड की श्रेणी में रखा गया है। इसमें पशुपालक चाहे खेतिहर यानि उसके पास खेती की जमीन हो या ना खेती की जमीन न हो। लेकिन किसान कम से कम पशुओं का पालन रहा हो। तो दो पशु पालने के लिए कुछ को बैंक से 1लाख 60 हजार रुपये प्रति साल के हिसाब से बेहद कम ब्याज में ऋण दिया जा रहा है । उन्होंने बतायाक कि यह ऋण पूरी तरह से बिना गारंटी के है । उन्होंने आगे बताया कि इसी तरह मत्स्य पालन करने वाले किसानों को भी बिना गारंटी के इसी तर्ज पर ऋण दिया जा रहा है। यह भी बिना सिक्योरिटी के1लाख 60 हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से दिया जा रहा है इस लिंक का बिल रिनुअल 6 महीने के अंदर ही करना होगा उन्हें बताया कि पशुपालकों को अभी तक केवल केनरा बैंक नहीं 24 लोगों को इस तरह का ऋण स्वीकृत किया है।

 

अन्य बैंकों से भी इसको लेकर विचार-विमर्श चल रहा है ताकि वह भी किसानों को केंद्र सरकार की इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बैंक खेतिहर या बगैर खेती के पशुपालकों को ज्यादा से ज्यादा ऋण दें ताकि वह अपनी आय बढ़ा सकें । उन्होंने बताया कि यह ऋण मात्र 4प्रतिशत सालाना की ब्याज दर पर दिया जा रहा है।