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क्या आप भी हैं बेरोजगारी से परेशान? तो ये खबर सिर्फ आपके लिए

भारत कृषि प्रधान देश है. यहां पर सभी तरह की खेती समय के अनुसार की जाती है. किसान कभी-कभी खेती में नुकसान भी झेलते हैं. गलत समय पर बारिश होने की वजह से फसल में अधिक नुकसान होता है. बदलते समय के अनुसार किसानों में कृषि को लेकर जागरूकता बढ़ रही हैं. किसान नई फसलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं.

आज के समय में किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती की तरफ बढ़ रहे है.जिसमें कम समय में अधिक फसलों को उगाया जा सकता है और उससे किसानों को मुनाफा भी होता है. हम आपको इस लेख में बताने जा रहे है भारत में उगाई जानें वाली महंगी सब्जियों के बारे में. जिससे किसान को अधिक फायदा हो सके.

शतावरी की खेती

शतावरी (Shatavari) की गिनती भारत में उगाई जाने वाली सबसे महंगी सब्जियों में की जाती है. शतावरी की मई-जून के महीने में खेती होती हैं. शतावरी की खेती भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया,अफ्रीका, बांग्लादेश, चीन और नेपाल अन्य देशो में भी की जाती है. इस पौधे का प्रयोग भूख बढ़ाने, चर्म रोग को सुधारने के लिए, पाचन शक्ति, पशुओ में दुग्ध को बढ़ाने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियों दूर करने के लिए भी किया जाता है.जिस कारण शतावरी के पौधों की अधिक मांग होती है.

इतना ही नहीं शतावरी का इस्तेमाल चूर्ण समेत आयुर्वेदिक दवाईयाँ बनाने के लिए भी किया जाता है.जिसके कारण इसकी मांग विदेशों में बहुत अधिक है. ऐसे में अगर आप शतावरी की खेती करते हैं, तो इससे आपको बहुत अधिक मुनाफा हो सकता है.

बॉक चोए की खेती

बोक चोए को पोषक तत्वों से भरपूर, अच्छी तरह से सूखा मिट्टी की आवश्यकता होती है. मोटे तने रसदार और मीठे होते हैं और इन्हें उगाने के लिए भरपूर पानी की जरूरत होती है.

बोक चोए के रूप में जल्द ही फसल के लिए तैयार है क्योंकि इसमें प्रयोग करने योग्य पत्ते हैं. छोटी किस्में 6 इंच लंबी होती हैं और बड़े प्रकार 2 फीट तक बढ़ते हैं. बच्चे की किस्में लगभग 30 दिनों में तैयार हो जाती हैं. यह सब्जी काफी हद तक पत्ता गोभी की तरह दिखाई देती है। बॉक चोए में विटामिन और फाइबर समेत ढेर सारे पोष्टिक तत्व मौजूद होते हैं.

आपको जानकारी के लिए बता दें कि यदि आप बोक चोए की कहते करते है तो इसका सिर्फ एक फल 115 से 120 रुपए के आसपास बिकता है.

चेरी टमाटर की खेती

टमाटर एक ऐसी सब्जी है जो गर्म जलवायु में ही उगाई जाती है. परंतु इसकी खेती ज्यादातर ठंडे मौसम में की जाती है. इसके सफल उत्पादन हेतु इसका तापमान 21 से 23 डिग्री अनुकूल माना गया है. इस सब्जी का प्रयोग सलाद में भी किया जाता है और इसे ऐसे भी खा सकते है. यह एक ऐसी सब्जी है जिसके अंदर सूखा सहने की अधिक क्षमता होती है. परन्तु अगर हम इसकी फसल में ज्यादा सूखे के बाद तुरंत ही सिंचाई कर दें तो एक दम से पानी मिलने की वजह से इसका फल धीरे -धीरे फटने लग जाता है.

चेरी टोमेटो पीएच स्तर 6-7, अच्छी जल धारण क्षमता, समृद्ध कार्बनिक पदार्थ और अच्छी जल निकासी के साथ गहरी रेतीली दोमट या मिट्टी दोमट मिट्टी पर सबसे अच्छा बढ़ता है.अगर आप कम समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं. तो इसके लिए आपको चेरी टमाटर (Cherry Tomatoes) की खेती करनी होगी.

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