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कोविड-19 का गंध ग्राहियों पर पड़ता है अलग असर, पढ़े पूरी रिपोर्ट

-छह महीने बाद भी कर रहे हैं समस्याओं का सामना

लंदन  । ताजा शोध के अनुसार, कोरोना के मरीजों की गंध ग्राहियों पर इस महामारी का अलग असर पड़ता है। कोरोना महामारी के कारण जिन लोगों की सूंघने की क्षमता चली गई थी, उनमें से करीब 10 प्रतिशत छह महीने बाद भी गंध और स्वाद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद गंध से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के एक ऑनलाइन समूह ‘एब्सेंट’ के साथ काम करके यह पता करने का प्रयास किया। अनुसंधान करने के वक्त 9,000 से अधिक लोग इस समूह में शामिल हुए। हम हर दिन संवेदी परिवर्तन के विनाशकारी असर देख रहे थे। लोग चाहते थे कि उनके अनुभव सुने जाएं। अनुसंधान में भाग लेने वाले लोगों की सहमति से हमने उनके जवाबों का विश्लेषण करना शुरू किया। हमने जो पाया, वह यह था।लोगों के लिए सूंघने की क्षमता चले जाने की गंभीरता और इससे जिंदगी पर पड़ने वाले असर को समझना मुश्किल है। आगे बढ़ने से पहले कुछ शब्दों को जान लिया जाए। एनोस्मिया सूंघने की क्षमता चले जाने की बीमारी है।

पैरोस्मिया ऐसी बीमारी है जहां सामान्य गंध चली जाती है। स्वाद वह होता है जो जीभ पर ग्राहियों द्वारा अनुभव किया जाता है। स्वाद भोजन का संपूर्ण संवेदी अनुभव है जिसमें गंध एक अहम भूमिका निभाती है लेकिन इसमें अन्य इंद्रियां भी शामिल होती हैं। इसका मतलब है कि अगर आपका स्वाद (जीभ) ठीक है तो सूंघने की क्षमता चले जाने से खास स्वाद पर गंभीर असर पडे़गा। एनोस्मिया, पैरास्मिया में बदल सकती है। वह भोजन जो किसी दिन ठीक लग रहा था, अगली बार खराब लग सकता है। इसका मतलब है कि सूंघने की क्षमता चले जाने के साथ जीना बहुत मुश्किल है। भूख पर प्रभाव भी अप्रत्याशित है। लोगों को सूंघने की क्षमता बाधित होने से खाने में दिक्कतें हो सकती हैं। ये एनोस्मिया से पीड़ित लोग थे जो सूंघने की क्षमता चले जाने के बाद ‘‘स्वाद के पीछे’’ भाग रहे थे। अगर आप चाहने और पसंद के बीच भेद कर सकते हैं तो आप इसे समझ सकते हैं। चाहने का मतलब है कि आप उस चीज के पीछे भाग रहे हैं जो आप खाने जा रहे हैं। पसंद करने का मतलब है कि जब आपको वह चीज मिलती है तो आप मुंह में थोड़ा-सा टुकड़ा लेते हैं ताकि उसके स्वाद का पता चल सके।

भोजन संतुष्टि कम हो जाती है और मैं खुद अपने आप को संतुष्टि देने के लिए और ज्यादा खाने की कोशिश करता हूं। इससे मेरा वजन बढ़ रहा है। संवेदी परिवर्तनों का सबसे हृदय विदारक असर अंतरंग संबंधों पर पड़ता है। कई पोस्ट ऐसे रहे जहां लोगों ने अपने साथी या बच्चों की गंध महसूस न कर पाने में अकेलेपन की शिकायत की।कुछ लोग इससे जूझ रहे हैं जिनमें कुछ कुपोषित हैं तथा कुछ लोगों का वजन काफी कम हो गया है।बहुत कम लोगों में वजन बढ़ने की समस्या देखी गयी।

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