कोरोना संकट : यूपी में नाइट कर्फ्यू और स्कूल बंदी को लेकर गाइड लाइन जारी, पढ़िए पूरी खबर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 9 के उच्च स्तरीय अफसरों और स्वास्थ्य सलाहकार समिति के साथ बैठक में कोरोना के बढ़ते केस को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं. सीएम ने 6 जनवरी से रात्रि कर्फ्यू और 10वीं तक के स्कूलों में मकर संक्राति तक अवकाश घोषित करने का आदेश दिया है.

लखनऊः कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को टीम 9 के उच्च स्तरीय अफसरों और स्वास्थ्य सलाहकार समिति के साथ बैठक की. बैठक में सीएम योगी ने कोविड-19 से बचाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए. सीएम योगी ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का शत प्रतिशत अनुपालन सभी जिलाधिकारी सुनिश्चित कराएं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 10 वीं तक के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों में मकर संक्रांति तक अवकाश घोषित किया जाए. इस अवधि में उनका टीकाकरण जारी रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के किसी जनपद में एक्टिव कोविड केस की संख्या 1000 से अधिक नहीं है. लेकिन व्यापक जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जिन जनपदों में एक्टिव केस की न्यूनतम संख्या 1000 से अधिक हो जाए, वहां जिम, स्पा, सिनेमाहॉल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट आदि सार्वजनिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किया जाए.

शादी समारोह और अन्य आयोजनों में बंद स्थानों में एक समय में 100 से अधिक लोगों की सहभागिता न हो. खुले स्थान पर ग्राउंड की कुल क्षमता के 50 फीसदी से अधिक लोगों के उपस्थिति की अनुमति न दी जाए. मास्क-सैनीटाइजर की अनिवार्यता रहे. सीएम ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू रात 10 से प्रातः 06 बजे तक लागू किया जाए. यह व्यवस्था 06 जनवरी गुरुवार से प्रभावी कर दी जाए. गौरतलब है कि इससे पहले कोरोना कर्फ्यू रात्रि 11 से सुबह 5 बजे तक लागू था.

ट्रेसिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कि प्रदेश के सभी शासकीय, अर्धशासकीय, निजी, ट्रस्ट आदि संस्थाओं, कंपनियों, ऐतिहासिक स्मारक, कार्यालयों, धार्मिक स्थलों, होटल-रेस्त्रां, औद्योगिक इकाइयों में तत्काल प्रभाव से कोविड हेल्प डेस्क क्रियाशील करा दिया जाए. जरूरत के अनुसार डे केयर सेंटर भी स्थापित हों. बिना स्क्रीनिंग/सैनिटाइजेशन के किसी को परिसर में प्रवेश न दें. सीएम योगी ने कहा कि कोविड वैरिएंट की पहचान के लिए कराई गई जीनोम सिक्वेसिंग में 23 लोगों में ओमिक्रोन वैरिएंट की पुष्टि हुई है. इन सभी के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराई जाए. सभी के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए.

बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिह्नित किया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी समिति और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय किया जाए. गांवों में प्रधान के नेतृत्व में और शहरी वार्डो में पार्षदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां क्रियाशील रहें. घर-घर संपर्क कर बिना टीकाकरण वाले लोगों को चिह्नित किया जाए और सूची जिला प्रशासन को दी जाए. जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए. कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए. सीएम ने कहा कि टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए हर दिन न्यूनतम तीन से चार लाख टेस्ट किए जाएं. निजी प्रयोगशालाओं को कोविड टेस्टिंग के लिए अधिकृत करने से पूर्व उनके पिछले रिकॉर्ड देखे जाएं, क्वालिटी टेस्टिंग अनिवार्य है. हर जिले के नोडल अधिकारी अपने संबंधित जिलों से संवाद करें, हर स्थिति पर सीधी नजर रखी जाए.

कोविड कमांड एंड कंट्रोल एक्टिव रखें
सीएम ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश कि प्रदेश के सभी जनपदों में स्थापित किए गए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को 24×7 एक्टिव रखा जाए. पूर्व की भांति वहां नियमित बैठकें आयोजित की जाएं. आईसीसीसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल मौजूद रहे. लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा दी जाए. आईसीसीसी हेल्पनंबर सार्वजनिक कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए. लोग किसी जरूरत पर तत्काल वहां संपर्क कर सकते हैं. एम्बुलेंस 24×7 एक्टिव मोड में रहें. पब्लिक एड्रेस सिस्टम का बेहतर उपयोग किया जाए. सीएम हेल्पलाइन से लोगों से संवाद किया जाए.

प्रयागराज माघ मेले में RTPCR निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आस्था के अप्रतिम प्रतीक ‘प्रयागराज माघ मेला’ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 48 घंटे पूर्व की कोविड आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता लागू की जाए. कल्पवासियों सहित सभी श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार हर एक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है. कोविड की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए राज्य स्तर पर गठित स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाहकार पैनल से परामर्श के आधार पर व्यापक जनहित में सभी जरूरी कदम उठाए जाएं. लोगों में अनावश्यक पैनिक न हों, उन्हें सही, सटीक और समुचित जानकारी दी जाए. सीएम योगी ने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैरिएंट पूर्व के वैरिएंट्स की तुलना में बहुत कम नुकसानदेह है। वैक्सीन कवर ले चुके स्वस्थ-सामान्य व्यक्ति के लिए यह बड़ा खतरा नहीं है.