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कोरोना के नए एक्सई वेरिएंट से दहशत बढ़ी, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

नई दिल्ली (ईएमएस)। महामारी कोरोना का दंश झेल चुके भारत में इसका वायरस कमजोर होने से थोड़ी राहत जरूर हुई पर अब कोरोना के नए एक्सई वेरिएंट से एक बार फिर से लोगों को अलर्ट कर दिया है। कोरोना के इस नए वेरिएंट से कुल दो लोग महाराष्ट्र और गुजरात में संक्रमित पाए गए हैं, जिससे चिंताएं बढ़ने लगी हैं। क्या है एक्सई वेरिएंट, ओमिक्रोन से कितना खतरनाक है एक्सई वेरिएंट और इसके लक्षण क्या होते हैं, हमने जाना फोर्टिस हीरानंदानी हॉस्पिटल, (वाशी, मुंबई) की डायरेक्टर-इंटरनल मेडिसिन डॉ. फरहा इंगले से।

कोरोनावायरस का नया एक्सई वेरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है। यह ओमिक्रोन वेरिएंट का ही सब-वेरिएंट है। ओमिक्रोन के वेरिएंट बीए.1 और बीए.2 का रीकॉम्बिनेंट वेरिएंट है। अभी तक महाराष्ट्र में 1 और गुजरात में 1 मामला सामने आया है। ये दोनों ही केस गंभीर नहीं हैं। इससे कह सकते हैं कि यह नया वेरिएंट बहुत अधिक खतरनाक नहीं है, ये ओमिक्रोन की ही तरह माइल्ड वेरिएंट है। चूंकि, एक्सई वेरिएंट ओमिक्रोन का ही सब-वेरिएंट है, इसलिए इसके लक्षण भी ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षणों से बहुत मिलते-जुलते हैं। काफी माइल्ड हैं एक्सई वेरिएंट के लक्षण, ऐसे में लोगों को बहुत अधिक डरने, घबराने की जरूरत नहीं है। इसमें हल्का बुखार होना, शरीर में दर्द होना, थकान महसूस करना, सिरदर्द, दिल की धड़कन तेज होना आदि लक्षण नजर आ सकते हैं।

कुछ महीने पहले ही ओमिक्रोन के तेजी से फैलने से लोग काफी डर गए थे, लेकिन ये अधिक खतरनाक साबित नहीं हुआ था और ना ही इस वेरिएंट ने गंभीर रूप से लोगों को संक्रमित किया था। देश में अधिकतर लोगों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है। जिन्हें ओमिक्रोन हुआ था, उनमें तो इसके खिलाफ इम्यूनिटी भी है। ऐसे में एक्सई वेरिएंट अधिक खतरनाक नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि अभी पूरी दुनिया में इसका प्रसार नहीं हुआ है। वैसे, ये वेरिएंट तीन महीने से है, लेकिन केसेज नहीं बढ़े हैं। ओमिक्रोन से जितने लोग संक्रमित हुए थे, उनमें से अधिकतर घर पर ही ठीक हुए थे। कितने लोगों ने तो कोविड टेस्ट भी नहीं करवाया था। ऐसे में कोरोना के इस एक्सई वेरिएंट से फिलहाल अधिक घबराने की जरूरत नहीं है।

इतनी बार कोरोनावायरस का म्यूटेंशन हो चुका है कि अभी कुछ भी बोलना बहुत मुश्किल है कि देश में चौथी लहर आएगी या नहीं। हो सकता है कि कोई म्यूटेशन गंभीर साबित हो जाए, जैसे डेल्टा वेरिएंट में हुआ था। लेकिन, फिर ओमिक्रोन बहुत माइल्ड था। ऐसे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। कुछ वैक्सीन भी कई तरह के वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी साबित नहीं होते हैं। वायरस तीन से छह महीने तो शांत रहता है और फिर वापस आ सकता है। अभी ये महामारी और डेढ़ से दो साल चल सकती है, ऐसे में अभी बोल नहीं सकते कि चौथी लहर कब आएगी। राज्य सरकारों ने हर चीज से प्रतिबंध हटा दिया है। लोग भी अब बेखौफ होकर बिना मास्क के घूमने लगे हैं। ऐसा लग रहा है कि पूरी तरह से कोरोना खत्म हो गया है। लोगों को अभी भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर मास्क लगाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। हाथों को अच्छी तरह से साफ रखें। सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

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