काशी विश्वनाथ कारिडोर की भव्यता देखेगी दुनिया, 13 को प्रधानमंत्री के हाथों होगा लोकार्पण

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घर-घर पहुंचेगा बाबा विश्वनाथ का प्रसाद, काशी को संवारने में जुटा प्रशासन
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद अब लोकार्पण की तैयारी जोरों पर है। अंतर्राष्ट्रीय फलक पर काशी की तस्वीर नए रूप में दिखने वाली है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना पर प्रशासन तेजी से काशी को संवारने का काम कर रहा है। 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण अलौकिक, अद्भुत और अकल्पनीय होगा। जिन भवनों में प्रधानमंत्री जाएंगे उन्हें सजाया संवारा जा रहा है। सफाई का काम शुरू हो चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार धाम का कार्य पूर्ण हो चुका है। 12 दिसंबर को मंदिर प्रशासन इसे कार्यदायी संस्था से हैंडओवर कर लेगा।

विश्वनाथ धाम परिसर में फिर शामिल हुआ ज्ञानवापी कूप
सन् 1669 ई में मुगल सेना ने विश्वेश्वर का मंदिर ध्वस्त कर दिया था। स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को कोई क्षति न हो इसके लिए मंदिर के महंत शिवलिंग को लेकर ज्ञानवापी कुंड में कूद गए थे। हमले के दौरान मुगल सेना मंदिर के बाहर स्थापित विशाल नंदी की प्रतिमा को तोड़ने का प्रयास किया था लेकिन सेना के तमाम प्रयासों के बाद भी वे नंदी की प्रतिमा को नहीं तोड़ सके। तब से आज तक विश्वनाथ मंदिर परिसर से दूर रहे ज्ञानवापी कूप और विशाल नंदी को एक बार फिर विश्वनाथ मंदिर परिसर में शामिल कर लिया गया है। यह संभव हुआ है विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद। 352 साल पहले अलग हुआ यह ज्ञानवापी कूप एक बार फिर विश्वनाथ धाम परिसर में आ गया है।

लोकार्पण महोत्सव में शंकराचार्य समेत देश भर के 251 संत होंगे शामिल
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण महोत्सव में शंकराचार्य समेत देश भर के 251 संत शामिल होंगे। लोकार्पण समारोह को भव्य रूप देने के लिए सनातन धर्म के सभी संप्रदायों की जुटान होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद फोन करके देश के सभी शीर्ष संतों आमंत्रित कर रहे हैं। आयोजन में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी विजयेंद्र सरस्वती, महंत नृत्यगोपाल दास, अवधेशानंद महाराज, रामभद्राचार्य महाराज, महंत कमलनयन दास, रामकमल दास वेदांती महाराज, साध्वी ऋतंभरा, साध्वी प्रज्ञा समेत 181 संत देश भर से आ रहे हैं। इसके अलावा अयोध्या से 23 और काशी से संन्यासी और वैरागी समाज के 47 संतों को आमंत्रित किया गया है। संत समाज के संयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती को सौंपी गई है।

7 लाख घरों में बंटेगा बाबा का प्रसाद
लोकार्पण कार्यक्रम को एतिहासिक बनाने के लिए काशी के सात लाख घरों में लड्डू बांटने की तैयारी है। इसे बनाने में 14 हजार किलो बेसन, 7 हजार किलो चीनी और 7 हजार किलो घी का इंतजाम किया गया है। लड्डू बनाने के लिए 10 लोगों को लगाया गया है। 600 श्रमिक दिन रात काम कर रहे हैं। पैकिंग करने के लिए महिलाओं और पुरुष दोनों को लगाया गया है। हर पैकेट में 2-2 लड्डू रखे जाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ सुनील कुमार ने बताया कि बाबा का प्रसाद डोर टू डोर पहुंचाया जाएगा।

निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए खर्च किये गये हैं 6 करोड़ रूपये
काशी विश्वनाथ धाम में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 33 केवी की दो लाइनें रिंग सर्किल में बिछाई गई हैं। इनमें से एक लाइन सीधे लेढ़ूपुर से आई है जबकि दूसरी गोदौलिया फीडर से। मंदिर को 11 केवी का कनेक्शन दिया गया है। लेढ़ूपुर से आ रही लाइन में कोई खराबी आती है तो गोदौलिया फीडर से सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए धाम के गेट नंबर चार के पास कंट्रोल रूम बनाया गया है। काशी विश्वनाथ धाम में बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई गई 33 केवी की दोनों लाइनों पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें लगभग 75 प्रतिशत खर्च उपकरणों पर जबकि बाकी की रकम लाइन बिछाने में खर्च हुई है। धाम में दो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इनमें से एक ट्रांसफार्मर स्टैंड बाई में रखा गया है जबकि दूसरे से काम लिया जाता रहेगा। वहीं किसी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम के पास दो जेनसेट भी हैं।
धाम के लोकार्पण पर तीन दिन दीपोत्सव मनाएगी काशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के दौरान काशी में दीपावली सरीखा नजारा होगा। इस अवसर पर दीपक जलाकर लोग अपने घरों में भगवान शिव का आह्वान करेंगे। शहर से लेकर गांवों तक घरों में इसकी तैयारियां चल रही हैं। इसके साथ ही लेजर शो, आतिशबाजी के साथ रोशनी से समस्त मंदिर, शहर की गलियां, चौराहे व अन्य सार्वजनिक स्थान जगमग होंगे। शिव की नगरी में श्रद्धालु बाबा के धाम के लोकार्पण के उत्सव को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। धाम के लोकार्पण के साथ ही 12 दिसंबर से 14 दिसंबर तक तीन दिवसीय शिव दीपोत्सव की शुरूआत हो जाएगी।

27 मंदिरों की एक खास मणिमाला भी तैयार
काशी विश्वनाथ धाम की अद्भुत छटा को देखने के लिए स्वयं देवता भी धरा पर उतरेंगे। धाम में 27 मंदिरों की मणिमाला तैयार की गई है। यह वे मंदिर हैं, जिनमें कुछ काशी विश्वनाथ के साथ ही स्थापित किए गए थे और बाकी समय-समय पर काशीपुराधिपति के विग्रहों के रूप में यहां बसाए गए थे। गंगा स्नान के बाद जल लेकर चलने वाले भक्त इस मणिमाला को साक्षी मानकर ही गर्भगृह तक जाएंगे और यहां से दर्शन के बाद इन विग्रहों की परिक्रमा कर धर्मलाभ लिया जा सकेगा। दूसरे चरण में 97 विग्रह व प्रतिमाओं की स्थापना और तीसरे चरण में 145 शिवलिंगों को स्थापित किया जाएगा।