कानपुर : जानिए, पीयूष जैन और उनकी 40 कंपनियों के बारे में, पढ़िए पूरी खबर

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आईटी छापामारी के बाद पीयूष जैन फिर सुर्खियों में हैं। पीयूष कन्नौज की परफ्यूम इंडस्ट्री में बड़ा नाम हैं। करीब 7 साल पहले वह कानपुर की आनंदपुरी में रहने आए थे। इससे पहले कन्नौज के ही पैतृक निवास में परिवार के साथ रहते थे। कन्नौज में कम दिखने वाले पीयूष के पड़ोसी भी इस छापामारी के बाद हैरान हैं।

जांच में सामने आया है कि पीयूष ने करीब 40 कंपनियों के जरिए अपने कारोबार को विदेशों तक फैला दिया। इनमें कई शेल कंपनियां बताई जा रही हैं। इनका इस्तेमाल सिर्फ फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता रहा है।

आइए बताते हैं कि पीयूष के एंपायर के बारे में

कानपुर के आनंदपुरी में पीयूष जैन का आवास है। आनंदपुरी कॉलोनी में पीयूष का परिवार 7 साल पहले रहने आया था। उनका पैतृक निवास कन्नौज के छपट्टी मोहल्ले के होली चौक पर है। यहां उनके पिता महेश चंद्र और भाई अमरीश जैन वहीं रहते हैं। यहां परफ्यूम फैक्ट्री, एक कोल्ड स्टोरेज और गैसोलीन पंप है। कन्नौज में वह सार्वजनिक तौर पर कम ही देखे गए हैं।

पीयूष जैन की दुबई में 2 कंपनियां हैं। जबकि 6 कंपनियां भारत में रजिस्टर्ड मिली हैं। छापामारी में उनकी करीब 40 कंपनियां होने की बात सामने आई है। उनका हेड ऑफिस मुंबई में हैं। जबकि कन्नौज में उनके परिवार के ही एक सदस्य परफ्यूम मैन्यूफैक्चरिंग संभालते हैं।

कन्नौज में तैयार परफ्यूम मुंबई के रास्ते जाता है विदेश

कारोबारी पीयूष जैन का मुंबई में भी एक घर, ऑफिस और शोरूम हैं। मुंबई के शोरूम तक परफ्यूम पहुंचने के बाद विदेशों में सप्लाई किया जाता है। उनके दोस्त पम्मी जैन समाजवादी पार्टी के एमएलसी हैं।

गुरुवार को पीयूष के कानपुर आवास, ऑफिस और कन्नौज के मकान में जांच टीमों ने छापामारी की थी। कानपुर में आईटी विभाग को 150 करोड़ नगद मिले हैं। कन्नौज के आवास पर भी टीमें पहुंची थी, लेकिन परिवार घर में ताला लगाकर चला गया था। इसके बाद टीम ने घर को सीज कर दिया। बताया जा रहा है कि कानपुर और मुंबई में भी पीयूष के परिवार के काफी सदस्य रहते हैं।

जैन की शेल कंपनियों के नाम पर लोन

गुरुवार को आयकर विभाग की टीम ने पीयूष जैन के मुंबई, कन्नौज, गुजरात और कानपुर के ठिकानों पर छापेमारी की। खबर है कि इन छापों में अब तक 150 करोड़ रुपये का कैश बरामद हुआ है और गिनती जारी है। एक साथ शुरू हुई कार्रवाई के दो-तीन तक चलने की उम्मीद है।

जैन की कंपनी ने शेल कंपनियों के नाम से लोन लिया था। डीजीजीआई अहमदाबाद के अधिकारियों ने एक पान मसाला मैन्युफैक्चरर और एक ट्रांसपोर्टर यहां भी छापेमारी की है। ट्रांसपोर्टर ई-वे बिल जनरेट किए बिना, फर्जी इनवॉइस के जरिए सामान ट्रांसपोर्ट कर रहा था। कर चोरी कर रहा था। ट्रांसपोर्टर के गोदाम से पहले भी बिना जीएसटी भुगतान किए परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए 200 से अधिक फर्जी चालानों को बरामद किया गया है।