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एक ही छत के नीचे हैलट अस्पताल में होगी सभी जांचे, बनेगा अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक केन्द्र

कानपुर  (हि.स.)। गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज के हैलट अस्पताल में अब मरीजों को जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। केन्द्र की मोदी और उप्र की योगी सरकार की नीतियों के चलते शासन ने अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक केंद्र का निर्माण कराने के लिए 8.86 करोड़ की स्वीकृत दे दी है। यह जानकारी बुधवार को जीएसवीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने दी।

उन्होंने बताया कि हैलट अस्पताल में अब एक ही छत के नीचे मरीजों को सभी तरह की जांच उपलब्ध कराने के लिए तीन मंजिल का डायग्नोस्टिक हब का निर्माण होगा। निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए पहले टेंडर डाले जाएंगे। शासन ने इसके लिए 8.86 करोड़ रुपये की स्वीकृत कर दी है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा, ताकि मरीजों को उतनी जल्दी सेवाएं मिल सकें। यह काम मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए कराया गया है। हब बनने के बाद मरीजों को जांच के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जाना पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सभी जांच हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में आने वाले रोगियों को अभी जांच कराने के लिए इधर से उधर चक्कर लगाना पड़ता है। खून की जांच के लिए अलग जाना पड़ता था और एक्सर या अन्य जांच के लिए अलग बिल्डंग में जाना पड़ता है। ऐसे में मरीजों एवं तीमारदारों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब इस अत्याधुनिक लैब का निर्माण होने के बाद मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने डायग्नोस्टिक हब बनाने का प्रस्ताव तैयार कर जगह चिन्हित की थी। इसके बाद वह प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे शासन ने स्वीकृत कर 8.86 करोड़ की मंजूरी दे दी है।

तीन करोड़ रुपये की आएगी अत्याधुनिक मशीनें

डॉ. संजय काला ने बताया कि हैलट अस्पताल के आकस्मिक कक्ष के पास रोटरी क्लब का रैन बसेरा बना है, जिसे हटा दिया जाएगा और उसके बाद उसी स्थान पर डायग्नोस्टिक हब की तीन मंजिला इमारत का निर्माण होगा। शासन ने इस भवन के निर्माण के लिए पांच करोड़ 56 लाख रुपये दिए हैं। इसके अलावा तीन करोड़ रुपये से उपकरण खरीदे जाएंगे और 20 लाख रुपये से कंप्यूटर व फर्नीचर लिए जाएंगे।

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