उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस का बड़ा दांव, भाजपा के बागियों को बनाया उम्मीदवार

– आसनसोल संसदीय क्षेत्र से शत्रुघ्न सिन्हा और बालीगंज विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे बाबुल सुप्रियो
कोलकाता । बंगाल में लोकसभा और विधानसभा की एक-एक सीट पर होने वाले उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है। तृणमूल ने इन दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के बागी नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के इस्तीफे के बाद खाली हुई आसनसोल संसदीय क्षेत्र पर तृणमूल कांग्रेस ने उपचुनाव में पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। साथ ही कोलकाता की बालीगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद बाबुल सुप्रियो को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

दरअसल, केंद्रीय चुनाव आयोग ने लोकसभा की आसनसोल सीट और बालीगंज की विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव घोषित कर दिया है। दोनों सीटों के लिए 12 अप्रैल को मतदान होगा और परिणाम 16 अप्रैल काे आएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है, “अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की ओर से यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आसनसोल के लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रसिद्ध अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा हमारे उम्मीदवार होंगे।” इसके साथ ही अपने दूसरे ट्वीट में ममता ने लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रसिद्ध गायक बाबुल सुप्रियो, बालीगंज से विधानसभा उपचुनाव में हमारे उम्मीदवार होंगे। जय हिंद, जय बांग्ला, जय मां- माटी- मानुष!”

राजनीति के जानकारों का मानना है कि राज्य के इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बागियों को उतारकर तृणमूल कांग्रेस ने बड़ा संदेश दिया है। खास बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में मंत्री रहे चुके शत्रुघ्न सिन्हा प्रसिद्ध अभिनेता भी हैं तथा हिंदी भाषियों के बीच लोकप्रिय भी है। आसनसोल भी हिंदी भाषियों का ही गढ़ है, जहां अधिकतर मतदाता बिहार व उत्तर प्रदेश के हैं। केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने पर भाजपा ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने बागवत कर दी थी। इस पर भाजपा ने उन्हें दरकिनार कर दिया था।

इसी तरह से बाबुल सुप्रियो भी नरेन्द्र मोदी कैबिनेट में मंत्री थे लेकिन बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था। इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। उन्हें भी बालीगंज विधानसभा से उम्मीदवार बनाकर तृणमूल ने बड़ा दांव खेला है। बालीगंज के विधायक व तृणमूल नेता सुब्रत मुखर्जी के निधन के बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

बाबुल सुप्रियो ने जताया आभार

बालीगंज विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बाबुल सुप्रियो ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आभार जताया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, “बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय दीदी। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने मुझे बंगाल के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है और आपके उत्साहजनक नेतृत्व तथा आशीर्वाद के तहत में अपने कर्तव्यों को नए सिरे से ऊर्जा और ईमानदारी के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।” खास बात यह है कि बाबुल सुप्रियो ने यह कहते हुए भाजपा छोड़ी थी कि वह बंगाल के लिए काम करना चाहते हैं इसलिए विधानसभा सीट से उन्हें टिकट देना भी तृणमूल कांग्रेस की ओर से उन्हें रिटर्न गिफ्ट माना जा रहा है।

भाजपा ने बताया बाहरी
इधर, शत्रुघ्न सिन्हा को आसनसोल से उम्मीदवार बनाए जाने से भारतीय जनता पार्टी हमलावर हो गई है। भाजपा के केंद्रीय सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा है कि आसनसोल में बंगाल के लिए एक पूरी तरह से बाहरी व्यक्ति को मैदान में उतारा गया है। ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी का कद छोटा किए जाने का दावा करते हुए मालवीय ने लिखा है कि पहले से इस बात की चर्चा थी कि अभिषेक की करीबी मानी जाने वाले तृणमूल की युवा इकाई की आसनसोल अध्यक्ष सायोनी घोष को यहां से टिकट दिया जाएगा। लेकिन ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का कद छोटा करने के लिए ममता ने संपूर्ण रूप से बाहरी व्यक्ति को आसनसोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बना दिया है।