इलाहाबाद शहर पश्चिमी सीटः विकास के लिए भाजपा की तरफ देख रही जनता

प्रयागराज (हि.स.)। इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2017 में सिद्धार्थनाथ सिंह ने विजय हासिल कर पहली बार कमल खिलाया। यह विधानसभा क्षेत्र पहले कुछ वर्षों तक चुनावी रंजिश एवं बढ़ते अपराध के कारण सुर्खियों में रहा, लेकिन अब भाजपा के सिद्धार्थनाथ सिंह ने पिछले पांच वर्ष में यहां विकास के कई कार्य किये। क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा से स्थानीय लोगों को काफी अपेक्षाएं हैं।

जब 1980 में इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा सीट बनी, तो यहां जनसंघ के तीर्थलाल कोहली विजयी हुए। इसके बाद 1984 में रामगोपाल यादव विधायक चुने गए। इसके बाद यह सीट सबसे ज्यादा तब चर्चा में आई, जब यहां बाहुबली अतीक अहमद ने जीत दर्ज की। इस सीट पर सपा के बाहुबली अतीक अहमद का काफी दबदबा रहा। वो पांच बार विधायक भी रहे। 1989 से 2002 तक सपा से अतीक अहमद यहां से विधायक रहे। इसके बाद लोकसभा चुनाव में फूलपुर से अतीक अहमद सांसद बने और यहां सीट खाली होने पर उपचुनाव हुआ और अतीक ने अपने भाई अशरफ को 2004 में सपा का टिकट दिलवाया। इस उपचुनाव में बीएसपी के राजूपाल जीते।

25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजूपाल को सुलेमसराय इलाके में सरेराह गोलियों से भून दिया गया, जिसका आरोप समाजवादी पार्टी के फूलपुर के सांसद रहे अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ पर लगा। एक साल बाद 2006 में इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ, जिसमें अशरफ विधायक बन गए और बसपा से राजूपाल की पत्नी पूजा पाल चुनाव हार गईं। 2007 के आम चुनाव में बसपा से पूजा पाल जीत कर विधायक बनीं। 2012 में फिर पूजा पाल विजयी हुईं। वहीं 2017 में भाजपा उम्मीदवार सिद्धार्थनाथ सिंह इस सीट से जीते। 2022 के चुनाव में भी इस सीट पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें लगी हुई हैं।

वर्ष 1977 में जेएनपी से हबीब अहमद ने कांग्रेस के कन्हैया लाल सोनकर को हरा कर जीत दर्ज की थी। 1980 में कांग्रेस से चौधरी नौनिहाल सिंह ने जेएनपी के महबूब अहमद को हराया। 1985 में एलकेडी के गोपालदास ने कांग्रेस के अकबर हुसैन को पराजित किया। 1989 में आईएनडी से अतीक अहमद ने कांग्रेस के गोपालदास को पराजित किया था। 1991 में अतीक अहमद ने भाजपा के रामचंद्र जायसवाल को पराजित किया। 1993 में अतीक अहमद भाजपा के तीरथराम कोहली को पराजित कर तीसरी बार विधायक बने। 1996 में अतीक अहमद सपा के बैनरतले चौथी बार निर्वाचित हुए। उन्होंने भाजपा के तीरथराम कोहली को पुनः हराया। 2002 में अतीक अहमद अपना दल से लड़े और सपा के गोपाल दास यादव को हराया। 2007 में बसपा की पूजा पाल ने सपा के खालिद अजीम उर्फ अशरफ को हराया। 2012 में पूजा पाल ने अतीक अहमद को पराजित किया। 2017 में पहली बार भाजपा का कमल खिला और सिद्धार्थनाथ सिंह ने सपा की रिचा सिंह को पराजित किया।