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यूपी से बड़ी खबर : अवैध खनन पर चला योगी सरकार का हंटर, इन चार अधिकारियों पर गिरी गाज

-अवैध खनन पर गोरखपुर, गाजीपुर, बागपत के खान अधिकारी किए गए निलंबित

-वाराणसी में भूतत्व एवं खनिकर्म सचिव ने की छापेमारी

लखनऊ, (हि.स.)। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बार फिर भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ हंटर चलाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर भ्रष्टाचार में लिप्त खनन विभाग के वरिष्ठ खान अधिकारी, खान अधिकारी और खान निरीक्षक को निलंबित किया गया। वहीं तीन खान अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।

सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म) डॉ. रोशन जैकब ने गुरुवार देर रात बनारस में बालू, मौरंग समेत अन्य खनिज पदार्थों के अवैध खनन एवं ओवर लोडिंग की शिकायत पर छापेमारी की। इस दौरान सोनभद्र, मीरजापुर समेत अन्य राज्यों मध्य प्रदेश और बिहार से आने वाले वाहनों की जांच की गयी। उसमें बड़ी संख्या में वाहनों को सीज करते हुए जुर्माना वसूला गया।

गोरखपुर, गाजीपुर, बागपत के खान अधिकारी निलंबित

सचिव भूतत्व एंव खनिकर्म डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार अवैध बालू और मौरंग खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर गोंडा, गोरखपुर, गाजीपुर, बागपत, श्रावस्ती, रामपुर, गोरखपुर, महाराजगंज एवं झांसी में लगभग 45 क्षेत्रों की निदेशालय के जांच दल से जांच करायी गयी। उसमें 21 क्षेत्रों में परमीशन से अधिक लगभग 72 हजार घन मी. अवैध बालू का खनन पाया गया। जिन जगहों पर अवैध खनन पाया गया, वहां खनिज परिवहन पर रोक लगा दी गयी। साथ ही इनमें संलिप्त गोरखपुर के वरिष्ठ खान अधिकारी, गाजीपुर एवं बागपत के खान अधिकारियों को निलम्बित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। इसके अलावा गोंडा में बालू के अवैध खनन पर खान निरीक्षक को निलंबित किया गया।

250 से अधिक खनिज लदे वाहनों की हुई जांच

भूतत्व एंव खनिकर्म विभाग की सचिव ने बताया कि प्रदेश के मीरजापुर, सोनभद्र, वाराणसी में खनिजों के अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग की लगातार शिकायत मिल रही थी। इस पर भूतत्व एंव खनिकर्म सचिव के नेतृत्व में 25 सदस्यीय जांच टीम द्वारा गुरुवार देर रात वाराणसी के राजातालाब, टेंगड़ा मोड़, नरायनपुर तिराहा पर औचक जांच की गयी। जांच के दौरान सोनभद्र, मिर्जापुर समेत अन्य राज्य मध्य प्रदेश एवं बिहार से आने वाले 250 से अधिक खनिज लदे वाहनों की जांच की गयी। इस दौरान बिना आईएसटीपी के खनिज का परिवहन मिलने पर उसे सीज करते हुए सम्पूर्ण खनिज की राॅयल्टी, खनिज मूल्य समेत पेनाल्टी वसूलने के निर्देश दिये गये।

चेकिंग के दौरान कई वाहनों में नंबर प्लेट नहीं मिले। कुछ में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गयी थी। इन वाहनों पर एक से अधिक खनिजों के ओवरलोड के चालान पाये गये। ऐसे वाहनों के परमिट निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस दौरान अवैध खनन, परिवहन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपदीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये।

अवैध वसूली पर पुलिस और खनिज विभाग के कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि किसानों के निजी प्रयोग के लिए अपनी भूमि से मिट्टी के खनन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्हें केवल माईन मित्रा पोर्टल पर स्वपंजीकरण के आधार पर मिट्टी का उपयोग किये जाने की छूट प्रदान की गयी है। किसानों द्वारा मिट्टी के गैर व्यवसायिक प्रयोग में पुलिस विभाग अथवा खनिज विभाग के कर्मचारियों द्वारा वसूली होती मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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