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बिजली समस्या दूर किये बिना समाधान होने का आ जाता मैसेज, उपभोक्ता परिषद ने की शिकायत

लखनऊ  (हि.स.)। बिजली विभाग की किसी समस्या के समाधान के लिए बना टोल फ्री नम्बर 1912 पर फोन करने के बाद सिर्फ खानापूर्ति होने के कारण टोल फ्री नंबर ही एक समस्या बन गया है। फोन करने के बाद बिना समस्या समाधान हुए ही मैसेज आ जाता है, आपकी समस्या का समाधान हो गया। इस परेशानी को दूर करने के लिए उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में भी निर्देश दिये थे।

वहीं बुधवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा भी इस समस्या समाधान के लिए पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार व निदेशक कॉमर्शियल अमित कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों को बिना समस्या समाधान के शिकायतों के निस्तारण को न दिखाया जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समस्या निस्तारण के बाद ही उपभोक्ता को मैसेज भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां तक सवाल है ब्रेकडाउन व किसी भी व्यवधान पर उपभोक्ता द्वारा अभियंताओं से फोन पर जानकारी लेने का तो ब्रेकडाउन की स्थिति की जानकारी उपभोक्ताओं को मिलना उनका कानूनी अधिकार है। ऐसे में सभी अभियंता फोन उठाकर उन्हें जवाब दें। इसके लिए भी बिजली कंपनियां अपने स्तर से अभियंताओं को निर्देश दें कि वह सभी विद्युत उपभोक्ताओं को फोन पर जवाब अवश्य दें। उपभोक्ताओं का फोन रिसीव न किया जाना एक गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि अप्रैल से लेकर सितंबर तक हर साल बिजली आपूर्ति को लेकर हो-हल्ला मचता है। ऐसे में बिजली कंपनियां अपने सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए उसको अपग्रेड करती रहें तो ज्यादा हितकर साबित होगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस आरडीएसएस योजना को समय से शुरू किया गया होता तो शायद यही स्थिति ना आती। अब गर्मी जब अपना पांव पसार चुकी है, तब सर्वे किया जा रहा है। जब तक कार्य शुरू होगा, तब तक बरसात आ जाएगी। ऐसे में सभी व्यवस्था को कब किया जाना चाहिए। इसका प्लान भी बिजली कंपनियों को करना होगा।

यह बता दें कि बिजली की उपलब्धता होते हुए भी प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लोकल ब्रेकडाउन के चलते सुचारु विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उससे बड़ी समस्या यह है कि ब्रेकडाउन की स्थिति की जानकारी के लिए फोन करने पर अधिकांश अभियंताओं का फोन ही नहीं उठता। वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता जब अपनी शिकायत को 1912 पर फोन करके बताता है तो बड़े पैमाने पर वहां भी उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान बिना किए ही समस्या दूर किये जाने का मैसेज मिल जाता है।

इसका कारण यह है कि एलटी व 11केवी की शिकायतों को हर हाल में अनिवार्य रूप से दो घंटे में दूर करने का सिस्टम पर मानक है। उसके बाद उसे उसे ब्यांड टाइम में डाल दिया जाता है और फिर कार्यवाही शुरू हो जाती है। उससे बचने के लिए अनेकों क्षेत्रों में अभियंता बिना शिकायत का निस्तारण किए, उसे निस्तारित होना दिखा रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश के उपभोक्ताओं में रोष होना स्वाभाविक है।

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