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आउट होने पर हुई थी कहासुनी, फिर किशोर का दबाकर मार डाला

चेचेरा भाई बचाने लगा लेकिन तब तक किशोर की चली गई जान।
क्लीन बोर्ड होने पर बॉलर को गला दबाकर मार डाला।
घाटमपुर। सोमवार शाम क्रिकेट में क्लीन बोल्ड होने पर बल्लेबाज ने बॉलर की हत्या कर दी। पहले उसने बॉलर को पिच पर पटक-पटककर पीटा। फिर गला दबा दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मौके पर पहुंचे परिजन आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।उसके बाद परिजनों ने शव को घर के बाहर रखकर हंगामा कर दिया। कहा कि जब तक आरोपी अरेस्ट नहीं होता है, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। सूचना मिलते ही थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह से परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। रात करीब 10 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना घाटमपुर के रहटी डेरा गांव की है।
– पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट
मृतक का नाम सचिन (14) है। वह गांव में ही मजदूरी करता था। सोमवार शाम करीब 5 बजे वह कुछ लड़कों के साथ गांव के बाहर चकरोड पर क्रिकेट खेल रहा था। पड़ोस का हरगोविंद बैटिंग कर रहा था और सचिन बॉलिंग कर रहा था। इस दौरान उसने हरगोविंद को क्लीन बोल्ड कर दिया। आउट होने के बाद भी हरगोविंद बैट नहीं छोड़ रहा था। इस बात को लेकर हरगोविंद और सचिन में पहले कहासुनी हुई। फिर मारपीट होने लगी। आस-पास के लड़कों ने दोनों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने नहीं। इसी बीच हरगोविंद का भाई ब्रजेश भी वहां पर आ गया। दोनों ने मिलकर क्रिकेट पिच पर ही सचिन को पीटा। फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
– सचिन के दोस्तों ने ही मारपीट वाली बात बताई
सचिन के पिता मोहन सिंह ने बताया, ”बेटे के दोस्त के पिता ने फोन कर बताया कि मैदान में सचिन बेहोश हो गया है। उसकी हालत ठीक नहीं है। इसके बाद हम भागे-भागे वहां पहुंचे। सचिन को अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सचिन के दोस्तों से बातचीत की। तब जाकर क्रिकेट पिच पर मारपीट वाली घटना का पता चला। दोस्तों ने बताया कि हरगोविंद ने सचिन की गला दबाकर हत्या की है।”
– थानाध्यक्ष ने आरोपियों के 24 घंटे मे गिरफ्तारी का आश्वासन दिया
परिजन करीब 7 बजे शव को लेकर घर पहुंचे। इसके बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। घर के बाहर शव को रखकर परिजन बैठ गए। उनका कहना था कि आरोपियों पर कार्रवाई होने के बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।रात में परिजनों ने शव को घर के बाहर रखा। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजेंग।
रात में परिजनों ने शव को घर के बाहर रखा। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं भेजेंग
– पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजन माने।
एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला का कहना है कि परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद वो लोग माने। करीब 10 बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि अभी तक परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मामूली सी बात को लेकर भाई को पीटने लगे
मृतक सचिन के चचेरे भाई हरिओम ने बताया कि वह भी साथ में क्रिकेट खेल रहा था। लेकिन, वह भाई को बचा नहीं सका। मृतक सचिन के चचेरे भाई हरिओम ने बताया कि वह भी साथ में क्रिकेट खेल रहा था। लेकिन, वह भाई को बचा नहीं सका। सचिन के चचेरे भाई हरिओम ने बताया, “भाई गेंदबाजी में बहुत तेज था। कल जब हम लोग खेल रहे थे तो उसने अच्छी तरीके से गेंद डाली। गेंद सीधे स्टंप पर लगी, तो हरगोविंद आउट हो गया। इस पर वह गुस्सा होकर गाली-गलौज करने लगा। तब तक उसका भाई ब्रजेश भी आया। दोनों ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। मैंने बचाने की कोशिश की, लेकिन इन दोनों ने भाई को मार डाला।”
– 3 साल पहले सचिन की चाची की हुई थी हत्या
ये सचिन के घर की तस्वीर है। ग्रामीणों के मुताबिक, सचिन के पड़ोस में ही हरगोविंद रहता है। 3 साल पहले हरगोविंद के परिवार वालों ने सचिन की चाची की हत्या की थी। ग्रामीणों के मुताबिक, सचिन के पड़ोस में ही हरगोविंद रहता है। 3 साल पहले हरगोविंद के परिवार वालों ने सचिन की चाची की हत्या की थी। ग्रामीणों ने बताया कि हरगोविंद जिम का शौकीन है। गांव मे सभी को अपनी बॉडी दिखाकर रोब झाड़ा करता है। 3 वर्ष पहले सचिन की चाची कमला को हरगोविंद के परिवार ने पीट पीटकर मार डाला था। सचिन के घर अब तक चूल्हा नहीं जला है। परिवार के सभी सदस्य पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर ही हैं। सचिन दो भाई और चार बहनें हैं। पिता मोहन सिंह खेती किसानी करके घर चलाते हैं।

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